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आईयूएमएल ने कंथापुरम की महिलाओं संबंधी टिप्पणी का समर्थन किया

तिरुवनंतपुरम, एक सितंबर (भाषा) केरलम में सत्तारूढ़ कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (आईयूएमएल) ने मंगलवार को वरिष्ठ सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कंथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार की महिलाओं को लेकर की गई विवादित टिप्पणी को उचित ठहराया है।

आईयूएमएल ने इस टिप्पणी को ‘‘विद्वत्तापूर्ण अभिव्यक्ति’’ बताया है। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पी जयराजन ने महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने को लेकर कंथापुरम की राय की आलोचना की है।

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब रविवार को कोच्चि में एक इस्लामी सम्मेलन में कंथापुरम ने कहा था कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘‘भारी तबाही’’ होगी और इस्लाम में इसे रोकने के वास्ते महिलाओं के लिए पर्दा करने का नियम है।

उन्होंने कहा था, ‘‘इस बात को ध्यान में रखते हुए कि महिलाओं को इस तरह सार्वजनिक मंचों पर लाने से भारी नुकसान होता है, इस्लाम ने महिलाओं के लिए पर्दा अनिवार्य किया है। कुरान में कहा गया है कि महिलाओं को अपने घरों के भीतर ही रहना चाहिए और सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आना चाहिए।’’

मुसलियार की टिप्पणी के बारे में पत्रकारों के सवालों पर आईयूएमएल की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पनक्कड़ सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा कि उन्हें इस मामले में और कुछ नहीं कहना है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक विद्वत्तापूर्ण अभिव्यक्ति थी। इसके अलावा, मुझे इस मामले में और कुछ नहीं कहना है। वे विद्वान हैं। मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा समय में महिलाओं को मुसलियार द्वारा बताए गए तरीके से रहना चाहिए।

इस पर थंगल ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि उनका आशय यह कहने से था कि मौजूदा स्थिति में महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। यह हो सकता है कि उन्होंने यह टिप्पणी इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए की हो। ऐसे मामलों में कुछ संयम होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘संभवतः वह व्यापक सामाजिक स्थिति का संदर्भ दे रहे थे और उसी संदर्भ में अपनी राय व्यक्त कर रहे थे। उनका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण की बात करना हो सकता है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या महिलाएं केवल पर्दा करें और सार्वजनिक स्थानों पर जाने के बजाय अपने घरों के भीतर रहें, थंगल ने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है।

थंगल से मुसलियार के माकपा के साथ कथित संबंध और उनकी टिप्पणी को लेकर वाम दल की आलोचना के बारे में भी पूछा गया। इस बीच अटकलें लगाई जा रही हैं कि इन घटनाक्रमों से वह आईयूएमएल के करीब आ सकते हैं।

भाषा प्रचेता नरेश

नरेश