Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

सिकंदराबाद के शस्त्रागार से राइफल और पिस्तौल चोरी, सेना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई

हैदराबाद, एक सितंबर (भाषा) सिकंदराबाद में सेना के शस्त्रागार से असॉल्ट राइफल, पिस्तौल, मैगजीन और कारतूस चोरी कर लिए गए हैं। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक, इस कथित चोरी की घटना के बाद सैन्य अधिकारियों ने उन परिस्थितियों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत आंतरिक जांच शुरू कर दी है, जिनकी वजह से यह नुकसान हुआ।

पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पांच असॉल्ट राइफल, सात पिस्तौल और 21 मैगजीन के अलावा हथियारों में इस्तेमाल होने वाली गोलियां सिकंदराबाद के शस्त्रागार से चोरी हुई हैं। साथ ही भंडारण गृह के दरवाजे के ताले खुले पाए गए।

पुलिस ने बताया कि सिकंदराबाद छावनी के बोलारम स्थित भारतीय सेना की मद्रास रेजिमेंट की ओर से शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया है।

सेना के ‘कोट और बटालियन मैगजीन’ (गोला-बारूद भंडारण गृह) में चोरी की घटना का पता 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब सात बजकर 50 मिनट पर उस समय चला, जब इसके दरवाजों के ताले टूटे हुए पाए गए।

हथियारों और कारतूसों का आखिरी बार 30 अगस्त को शाम 6 बजे भौतिक रूप से मिलान किया गया था। “हथियारों/कारतूसों के गायब होने या चोरी होने की परिस्थितियों और इसके सही समय का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।”

प्राथमिकी के अनुसार, घटना का पता चलते ही यूनिट के अधिकारियों ने आवश्यक कदम उठाए, जिनमें जरूरत के मुताबिक संबंधित स्थानों को सुरक्षित करना/सील करना तथा कमांड शृंखला और अन्य अधिकारियों को इसकी सूचना देना शामिल था।

हथियारों और गोला-बारूद के पूरे भंडार तथा संबंधित लेखा दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन किया गया। अधिकृत भंडारण क्षेत्रों और आसपास के परिसरों की तलाशी ली गई।

मामले की जांच के तहत हथियार जारी करने और प्राप्ति से जुड़े पंजी तथा संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया है। इसके साथ ही, उस भंडार गृह या निगरानी क्षेत्र तक आधिकारिक पहुंच रखने वाले कर्मियों की पहचान कर उनसे पूछताछ भी की गई है।

गायब शस्त्रों की प्रकृति, खासकर सरकारी हथियारों और कारतूसों को देखते हुए, इस बात की आशंका है कि इन्हें अनधिकृत रूप से अपने कब्जे में लिया जा सकता है, इनका दुरुपयोग हो सकता है या इन्हें कहीं ले जाया जा सकता है।

सेना की इकाई ने कहा है कि वह उपलब्ध सभी अभिलेख मुहैया कराएगी और जांच एजेंसी को पूरा सहयोग देगी।

भाषा

प्रचेता पवनेश

पवनेश