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एसकेएम का चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर हफ्ते भर का विरोध प्रदर्शन शुरू

चंडीगढ़, एक सितंबर (भाषा) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसानों ने मंगलवार को चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर एक हफ्ते तक चलने वाला विरोध प्रदर्शन शुरू किया। यह प्रदर्शन कई मांगों के समर्थन में किया जा रहा है जिनमें प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध भी शामिल है।

पंजाब के विभिन्न हिस्सों से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य गाड़ियों में राशन और जरूरी सामान लेकर विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचे और वहां एकत्र हुए।

इस विरोध-प्रदर्शन में कई किसान संगठन हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल), बीकेयू (राजेवाल), बीकेयू (डकौंदा) और कीर्ति किसान यूनियन शामिल हैं। यह प्रदर्शन 7 सितंबर तक चलेगा।

एसकेएम नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि मंगलवार शाम तक लगभग 2,000 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के घटनास्थल पर पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि कुछ किसान सोमवार शाम को ही प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए।

लखोवाल ने कहा, ‘‘हम केंद्र और पंजाब सरकार पर अपनी मांगें मानने का दबाव बनाने के लिए यहां आए हैं।’’

उनकी मुख्य मांगों में कृषि उत्पादों के लिए 'सी2 प्लस 50 प्रतिशत' फार्मूले के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करना और किसानों व खेतिहर मजदूरों का कर्ज माफ करना शामिल है।

किसान प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का भी विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि यह खेती और देश हित के खिलाफ है।

उन्होंने प्रस्तावित विद्युत संशोधन विधेयक, 2025 को वापस लेने की मांग की है और आरोप लगाया है कि इससे बिजली क्षेत्र का पूरी तरह से निजीकरण हो जाएगा।

किसान प्रस्तावित बीज विधेयक, 2025 को वापस लेने की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे बीज से जुड़े अनुसंधान, विकास और अन्य गतिविधियों में राज्यों के अधिकार कमजोर होंगे, केंद्रीकरण बढ़ेगा और देश-विदेश की निजी कंपनियों को बीज क्षेत्र में एकाधिकार स्थापित करने का मौका मिलेगा।

उन्होंने बांध सुरक्षा अधिनियम रद्द करने की भी मांग की और आरोप लगाया कि यह ‘‘बांधों पर राज्यों के मालिकाना हक का उल्लंघन करता है।’’

चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों ने पूर्व मार्ग पर फैदान बैरियर से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले रास्ते पर वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया है।

चंडीगढ़ पुलिस द्वारा जारी यात्रा परामर्श के अनुसार, लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश