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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सिंचाई के लिए मेट्टूर बांध से पानी छोड़ा

सलेम (तमिलनाडु), एक सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को कावेरी डेल्टा के जिलों में सिंचाई के लिए मेट्टूर स्थित स्टेनली जलाशय के जल निकासी द्वार खोले और पानी छोड़ा।

विजय ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों की मौजूदगी में एक बटन दबाकर जलाशय के द्वार खोले। इसके बाद उन्होंने तेज बहाव के साथ निकल रहे पानी पर फूल बरसाकर कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार है जब विजय ने ऐतिहासिक मेट्टूर बांध के द्वार खोले हैं। यह बांध राज्य के डेल्टा क्षेत्रों के किसानों के लिए जीवनरेखा माना जाता है। उन्होंने बांध परिसर में किसानों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। किसानों और कृषि के प्रतीक माने जाने वाले हरे रंग का शॉल पहने विजय ने किसानों से बातचीत भी की।

चेन्नई से विशेष विमान से यहां पहुंचने के बाद विजय सड़क मार्ग से मेट्टूर पहुंचे।

मेट्टूर की ओर जाते समय उन्होंने रोड शो किया, लोगों का अभिवादन किया और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। बड़ी संख्या में लोग सड़क के दोनों ओर खड़े होकर मुख्यमंत्री की एक झलक पाने के लिए उनका इंतजार कर रहे थे।

तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया। कई जगह लोगों ने विजय पर फूल भी बरसाए।

बांध से 45 दिनों की अवधि के दौरान छोड़ा गया पानी करीब 12 जिलों तक पहुंचता है। इनमें तमिलनाडु का प्रमुख धान उत्पादक क्षेत्र तंजावुर भी शामिल है, जिसे राज्य का ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है और जहां के किसान इस पानी के प्रमुख लाभार्थी हैं।

एक सितंबर तक मेट्टूर बांध में जलस्तर 91.56 फुट था, जबकि बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 120 फुट है।

आमतौर पर हर साल 12 जून को बांध के द्वार खोले जाते हैं, लेकिन इस बार मानसून कमजोर रहने और जलाशय में पानी का स्तर कम होने के कारण द्वार खोलने की प्रक्रिया टाल दी गई थी।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा