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महिला सशक्तिकरण की शुरुआत घर और शिक्षा से: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

लखनऊ, 31 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि महिला सशक्तिकरण की वास्तविक शुरुआत घर और शिक्षा से होती है।

उन्होंने कहा कि आज बेटियां शिक्षा, स्टार्टअप, व्यवसाय और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर रही हैं लेकिन उन्हें आगे बढ़ने के लिए सही सोच, अवसर व परिवार का सहयोग मिलना जरूरी है।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में सोमवार को लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र की पुस्तक ‘‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’’ पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल आनंदीबेन पटेल ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता और नेतृत्व के हर क्षेत्र में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगी।

कार्यक्रम में महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि नारी केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की भी शक्ति है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और उन्हें अवसर के साथ-साथ नेतृत्व तथा निर्णय लेने का अधिकार भी मिलना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि संघ के कार्यों में मातृशक्ति का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।

उन्होंने अपने बचपन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी मां संघ के स्वयंसेवकों और प्रचारकों के प्रति स्नेह, सम्मान व आत्मीयता रखती थीं।

महाना ने कहा कि संघ में महिलाओं का सम्मान सर्वोच्च है और उनका सहयोग परिवार, सेवा तथा समाज को साथ लेकर चलने की शक्ति प्रदान करता है।

आनंदीबेन पटेल ने पुस्तक की लेखिका डॉ. शोभा विजेंद्र को पुस्तक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के विचारों को समाज तक पहुंचाने और देश के विभिन्न हिस्सों में संवाद की श्रृंखला को आगे बढ़ाने के लिए बधाई दी।

भाषा राजेंद्र जितेंद्र

जितेंद्र