गुरुग्राम, 31 अगस्त (भाषा) हरियाणा में गुरुग्राम के सेक्टर-23 में अनियमित तरीके से प्लॉट आवंटन किए जाने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। एसीबी के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक प्राथमिकी चार आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी डी. सुरेश भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दूसरी प्राथमिकी 27 अगस्त को एक स्थानीय निवासी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। इसमें आईएएस अधिकारी के अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के चार अधिकारियों एवं कर्मचारी तथा तीन अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन तीन लोगों में एक स्थानीय संपत्ति कारोबारी और एक नेता शामिल हैं।
गुरुग्राम एसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ये प्राथमिकी गुरुग्राम के सेक्टर-23 में दो प्लॉटों के पुन: आवंटन से संबंधित हैं। ये प्लॉट पहले आवंटित किए जा चुके थे, जिन्हें वापस लेने के बाद दोबारा आवंटित किया गया। यह आवंटन डी. सुरेश के हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के मुख्य प्रशासक रहने के दौरान किया गया था।’’
उन्होंने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश
अविनाश