मुंबई, 31 अगस्त (भाषा) पश्चिम एशिया में संकट के बीच नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सोमवार को कहा कि यह महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव का दौर है, जिसमें समुद्री क्षेत्र तेजी से प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है।
एडमिरल स्वामीनाथन ने गहरे समुद्र में जाने में सक्षम पोत ‘आईएनएस निपुण’ को मुंबई में भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के बाद कहा कि खतरों को लेकर धारणा लगातार बदल रही है और वे नयी चुनौतियों और जटिलताओं के रूप में सामने आ रही हैं।
एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, ‘‘आज हम महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं; समुद्री क्षेत्र लगातार अधिक प्रतिस्पर्धी और चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में उथल-पुथल, वैश्विक समुद्री राजमार्गों पर मंडराते खतरे और क्षेत्र के देशों द्वारा तेजी से किए जा रहे सैन्य सशक्तीकरण के बीच, नौसेना की पश्चिमी कमान समुद्री क्षेत्र में इस चुनौती से निपटने में सबसे आगे बनी रहेगी।
उन्होंने कहा, “हालांकि यह हमेशा संभव नहीं है कि हम किसी खास समय पर देश के सामने आने वाले खतरों की सटीक प्रकृति का अनुमान लगा सकें, लेकिन हम संभावित खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रह सकते हैं और ऐसी मजबूत क्षमता विकसित कर सकते हैं, जिससे जहां भी ये चुनौतियां सामने आएं, उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।”
नौसेना प्रमुख ने कहा कि पश्चिमी तट की जिम्मेदारी संभालने वाली नौसेना की पश्चिमी कमान के तहत आईएनएस निपुण बहुआयामी अभियानों को लगातार संचालित करने के लिए जरूरी क्षमताओं को मजबूत करेगा।
यह जहाज समुद्र में 300 मीटर की गहराई तक जाने की क्षमता रखता है। इसमें पनडुब्बियों को तुरंत राहत प्रदान करने की भी क्षमता है। इसके अलावा इसे आपदा राहत और मानवीय सहायता अभियानों के लिए भी तैनात किया जा सकता है।
भाषा खारी मनीषा
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