Breaking News

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता से मारपीट का है आरोप     |   खराब मौसम के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन प्रभावित, 9 फ्लाइट डायवर्ट     |   बिहार: 4-5 दिनों में बढ़ेगा गंगा का जलस्तर, बक्सर समेत 7 जिलों में बाढ़ का खतरा     |   एअर इंडिया ने नशे में फ्लाइट उड़ाने वाले पायलट को नौकरी से निकाला, पॉजिटिव थी जांच     |   महाराष्ट्र: रत्नागिरी में लैंडस्लाइड, रघुवीर घाट बंद; 15-20 गांवों का संपर्क टूटा     |  

संयुक्त अरब अमीरात ने अपने जलक्षेत्र में ईरानी ड्रोन को रोकने का दावा किया

दुबई, 31 अगस्त (एपी) संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना ने सोमवार को अपने जलक्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को रोक दिया। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक महीने में पहली बार इस सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से गोलीबारी हुई।

रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि ईरान की ओर से संयुक्त अरब अमीरात के जलक्षेत्र की तरफ आते हुए एक ईरानी ड्रोन का पता चला, जिसे ‘‘निष्क्रिय कर दिया गया’’।

ईरान की ओर से तत्काल इस घटना की जिम्मेदारी लेने का कोई दावा नहीं किया गया और न ही किसी तरह के नुकसान की खबर है। बाद में संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने दूसरा बयान जारी कर उन खबरों का खंडन किया, जिनमें ईरानी मीडिया संस्थानों ने दावा किया था कि दुबई स्थित अल मेनहद एयर बेस को ईरानी मिसाइलों ने निशाना बनाया था।

यह घटना उस समय हुई जब अमेरिकी बलों ने रविवार को ईरान के एक द्वीप पर मौजूद रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया। इससे छह महीने से अधिक समय से चल रहे युद्ध में जारी संघर्षविराम जैसी स्थिति खत्म हो गई और फिर से लड़ाई शुरू हो गई।

इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, जिन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया।

इससे पहले सोमवार तड़के ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान ‘‘वैध आत्मरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकेगा और किसी भी सैन्य आक्रमण का निर्णायक जवाब देगा।’’

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ किर्गिस्तान रवाना होने से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता। पेजेशकियन लंबे समय से बातचीत के जरिए संघर्ष खत्म करने के पक्षधर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम आक्रमण करने वालों को निर्णायक जवाब देंगे।’’

इस शिखर सम्मेलन में ऐसे देशों का समूह शामिल हो रहा है, जिसे अमेरिका के वैश्विक प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक शक्ति के रूप में देखा जाता है। इसमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हैं।

पेजेशकियन का मंगलवार को सम्मेलन से इतर पुतिन से मुलाकात का कार्यक्रम है।

एपी

गोला नरेश

नरेश