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न्यायालय में याचिका: लुटियंस दिल्ली में जुलूस के लिए पुलिस की मंज़ूरी जरूरी हो

नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के पांच सितंबर के विरोध मार्च से पहले, उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि लुटियंस दिल्ली में पुलिस की इजाजत के बिना कोई मार्च या जुलूस न निकाला जाए।

कॉजपा ने दिल्ली में विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को किए गए उन वादों को पूरा नहीं किया, जिनके तहत समूह को परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लेने के लिए मनाया गया था।

दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेंद्र सिंह की ओर से दायर याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों—जिनमें इंडिया गेट, सेंट्रल विस्टा और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं—में बड़े पैमाने पर लोगों को इकट्ठा करने, मार्च निकालने या संगठित प्रदर्शन के लिए किसी भी सार्वजनिक आह्वान पर तब तक अमल न किया जाए, जब तक कि आयोजकों ने पहले जरूरी मंजूरी न ली हो।

इसमें यह निर्देश भी मांगा गया है कि लुटियंस दिल्ली में प्रस्तावित किसी भी तरह के जमावड़े को 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के खत्म होने तक ठीक से विनियमित किया जाए, टाला जाए या उसमें उचित बदलाव किए जाएं।

याचिका में यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि कोई भी मार्च या जुलूस अधिकृत सीमा से आगे न बढ़े।

कॉजपा के अनुसार, यह मार्च शिक्षक दिवस पर निकाला जाएगा। इसकी अगुवाई उन छात्रों के परिवार करेंगे जिन्होंने नीट परीक्षा रद्द होने और उसके बाद दोबारा परीक्षा होने के कारण आत्महत्या कर ली थी, और साथ ही वे लोग भी शामिल होंगे जिनके साथ जुलाई के आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पुलिस ने ज्यादती की थी।

भाषा प्रशांत अविनाश

अविनाश