Breaking News

पी. चिदंबरम ने CBI को अधिक शक्तियां देने से संबंधित विचार का किया विरोध     |   दक्षिणी लेबनान में इजरायल का बड़ा हमला, हिज्बुल्लाह के ड्रोन अटैक का दिया जवाब     |   डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, बोले- जल्द पिकैक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है अमेरिका     |   नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1344 पहुंचा, पुलिस ने दी जानकारी     |   चीन ने पहली बार मौतों का आंकड़ा बताया, इमिग्रेशन बिल्डिंग से 31 शव बरामद     |  

न्यायपालिका ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे उभरते अपराध पर सक्रियता से प्रतिक्रिया दी: सीजेआई सूर्यकांत

नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे उभरते अपराध पर संसद की ओर से कानून बनाए जाने का इंतजार करने के बजाय सक्रियता से प्रतिक्रिया दी है।

प्रधान न्यायाधीश ने लंदन में आयोजित 43वें अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने हाल में ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ धोखाधड़ी का स्वत: संज्ञान लिया था।

उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराध में जालसाज वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी, न्यायिक अधिकारी या नौकरशाह बताकर लोगों को ठगते हैं। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘‘इसके जवाब में न्यायालय ने केंद्र व राज्यों को इस समस्या की व्यापकता का आकलन करने का निर्देश दिया और ऐसा अलग अपराध बनाने का आह्वान किया है, जिसमें नुकसान की गंभीरता के अनुरूप दंड का प्रावधान हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है कि भारतीय न्यायपालिका उभरते धोखाधड़ी वाले अपराधों पर सक्रियता से प्रतिक्रिया देती है, न कि संसद द्वारा इस पर कदम उठाए जाने का इंतजार करती है।’’

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए समय के साथ बदलती चुनौतियों को समझना और उनके अनुरूप प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।

भाषा जितेंद्र जोहेब

जोहेब