बालाघाट, 29 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को बालाघाट जिले के उन आदिवासी गांवों का दौरा किया, जहां जून से अज्ञात बीमारी के कारण बच्चों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं।
उन्होंने प्रभावित परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
सरकार ने नक्सल प्रभावित बिरसा विकासखंड की दो पंचायतों के गांवों में आठ बच्चों की मौत की पुष्टि की जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या 24 है।
यादव पूर्वाह्न करीब 11 बजे लांजी पहुंचे और बोंदारी गांव का दौरा किया।
उन्होंने मंत्रियों, विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की तथा सहायता राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
स्थानीय विधायकों ने उन्हें वन अधिकार पट्टों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से भी अवगत कराया।
दौरे के दौरान आदिवासी महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।
यादव ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय को पशुपालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन जैसे स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा वन अधिकार से जुड़े मामलों का समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि वह और उनके मंत्री 25 साल में पहली बार इस अंदरूनी क्षेत्र में पहुंचे हैं, जिसे पहले नक्सल गतिविधियों का प्रमुख इलाका माना जाता था।
यादव ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों के नियंत्रण का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिया।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले करीब ढाई महीने में अडोरी और माचुरदा पंचायतों के गांवों में आठ बच्चों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
उन्होंने बताया कि तीन वर्षीय प्रियंका धुर्वे की 11 अगस्त को जिला अस्पताल में मौत हो गयी थी, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गयी थी।
भाषा सं दिमो जितेंद्र
जितेंद्र