नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) इंदौर स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने यूको बैंक में तीन करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में शनिवार को 13 दोषियों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला 14 साल की जांच और सुनवाई के बाद आया है।
अदालत ने दोषियों पर कुल 1.56 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि एजेंसी ने 30 मार्च, 2012 को यूको बैंक, इंदौर के उप क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत अलग-अलग स्थानों पर तीसरे पक्ष के स्वामित्व वाली जमीन को गिरवी रखकर ऋण सुविधाएं हासिल कीं।
सीबीआई ने कहा कि आरोपियों ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर मूल्यांकनकर्ताओं को अलग-अलग संपत्तियां दिखाईं।
सीबीआई ने कहा कि आरोपियों ने फर्जी कागजात जमा किए, ताकि ऋण मंजूर करने वाले बैंक को गुमराह किया जा सके। इससे बैंक को तीन करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
एजेंसी ने 2013 में एक साल के दौरान दाखिल 10 आरोपपत्रों में अपनी जांच पूरी की, जिसके बाद इन मामलों में सुनवाई शुरू हुई।
सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अदालत ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषी ठहराया और तदनुसार सजा सुनाई।’’
भाषा आशीष अविनाश
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