Breaking News

पी. चिदंबरम ने CBI को अधिक शक्तियां देने से संबंधित विचार का किया विरोध     |   दक्षिणी लेबनान में इजरायल का बड़ा हमला, हिज्बुल्लाह के ड्रोन अटैक का दिया जवाब     |   डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, बोले- जल्द पिकैक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है अमेरिका     |   नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1344 पहुंचा, पुलिस ने दी जानकारी     |   चीन ने पहली बार मौतों का आंकड़ा बताया, इमिग्रेशन बिल्डिंग से 31 शव बरामद     |  

पंजाब में 27 अगस्त को अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे कर्मचारियों को नोटिस जारी करने का आदेश

चंडीगढ़, 29 अगस्त (भाषा) पंजाब सरकार ने 27 अगस्त को हुई सरकारी कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल पर अपना रुख सख्त करते ‘बिना अनुमति’ अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भेजने का आदेश दिया है।

कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागों के प्रमुखों को भेजे गए एक पत्र में कहा कि जो कर्मचारी ‘अनधिकृत रूप अनुपस्थित’ रहे, उन्हें नोटिस जारी किए जाएं और नियमों के अनुसार उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

राज्य सरकार के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों ने लंबित मंहगाई भत्ता जारी करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को सामूहिक रूप से आकस्मिक अवकाश लिया और राज्यव्यापी हड़ताल की, जिससे जन सेवाएं प्रभावित हुईं।

कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर कहा था कि वे अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची तैयार करके सामान्य प्रशासन विभाग को सौंपें ताकि लागू सेवा नियमों के प्रावधानों के अनुसार आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

पिछले बृहस्पतिवार को जालंधर में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बैठक भी रद्द कर दी गई, क्योंकि मान ने कड़ा रुख अपनाते हुए हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया था कि उनसे बातचीत तभी होगी जब वे अपनी हड़ताल समाप्त करेंगे।

‘पंजाब सांझा मुलाजिम मंच’ के बैनर तले 150 से अधिक कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से काफी समय से लंबित अपनी मांगों को मनवाने के लिए ‘महा हड़ताल’ में हिस्सा लिया। करीब 3.50 लाख पेंशनभोगियों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया।

भाषा धीरज जोहेब

जोहेब