देवरिया (उप्र), 29 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया, ‘‘सपा का मतलब है लूट-खसोट, सपा का मतलब है डकैतों का एक गिरोह।’’
योगी ने यहां 305 करोड़ रुपये से अधिक की 80 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘2017 से पहले कहावत थी - देख सपाई, बिटिया घबराई।’’
लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अपनी अय्याशी के लिए सपा मुखिया ने प्रदेश के खजाने में जो डकैती डाली, उसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए।’’
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि लखनऊ में बने जेपीएनआईसी की प्रारंभिक लागत मात्र 200 करोड़ थी, लेकिन सपा ने इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च कर दिए पर यह अधूरा ही रहा।
उन्होंने कहा कि यह पैसा ‘सैफई सिंडिकेट’ का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का पैसा था। उन्होंने कहा कि यदि अब सरकार उस पर पैसा लगाती तो कम से कम 150-200 करोड़ रुपये और खर्च होते।
योगी ने आरोप लगाया कि ये लोग सरकार के खजाने से 900-1000 करोड़ खर्च करके इस केंद्र को एक निजी कंपनी को देना चाहते थे, जिसमें अखिलेश, डिंपल व धर्मेंद्र यादव शामिल थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सपा के ‘बबुआ’ 12 बजे सोकर उठते हैं जिससे उनका दिमाग भारी रहता है और वह झुंझलाते हैं।
योगी ने दावा किया, “पत्रकारों के सवाल पर वह (सपा प्रमुख) गाली-गलौच व हाथापाई करने पर उतारू हो जाते हैं। मैंने सुना कि अखिलेश यादव ने एक बार पत्रकार के गले पर तलवार रख दी थी। मीडिया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम करता है। यदि कोई सरकार-प्रशासन गलत करता है तो मीडिया उस ओर ध्यान आकर्षित कराती है, लेकिन जब मीडिया ने बबुआ की सच्चाई उजागर की तो उन्होंने पत्रकार के गले पर तलवार रख दी!’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी दरअसल निजी लिमिटेड कंपनी है, जिसमें सब लोग एक ही परिवार के हैं।
उन्होंने कहा कि सपा मुखिया कहते हैं कि एक ही परिवार के पांच सांसद हैं, इसीलिए पार्टी बची हुई है। योगी ने कहा कि उन्हें खैर मनानी चाहिए कि सपा बची है, वर्ना वही हाल होगा जो जनता दल का हुआ था।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि नौकरियों की कमी नहीं है और जल्द ही एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी मिलेगी, इसमें होमगार्ड के 45 हजार और पुलिस के 36 हजार (दरोगा के चार हजार पद समेत) पद पर भर्ती होगी।
उन्होंने कहा कि उप्र लोक सेवा आयोग के तहत अलग-अलग विभागों में 30 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा और जल्द ही शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले प्रदेश में माफिया की समानांतर सत्ता चलती थी, लेकिन आज उत्तर प्रदेश अपने नाम के अनुरूप बन चुका है और अब कोई प्रदेश को ‘‘बीमारू राज्य’’ नहीं कहता।
योगी ने कहा, ‘‘अब उप्र में ‘एक जिला- एक माफिया’ नहीं, ‘एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज’ है। हमने माफिया को मिट्टी में मिलाया है तो इंसेफेलाइटिस को समाप्त कर दिया है।’’
मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया, ‘‘उप्र में 2017 से पहले न विकास था, न सुरक्षा थी, न सम्मान था। न रोजगार था, न गरीब के लिए आवास, शौचालय, रसोई गैस कनेक्शन, बिजली और सड़क थी। स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर तक इंसेफेलाइटिस का दौर देवरिया, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, संतकबीरनगर और बस्ती में भय लेकर आता था।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह बीमारी नहीं, सपा-कांग्रेस सरकारों की बीमार मानसिकता थी। 40 साल में 50 हजार मासूमों की मौत हो गई, लेकिन सपा या कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री हाल लेने नहीं आया।’’
कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम और विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी समेत कई नेता मौजूद थे।
भाषा आनन्द रंजन शफीक
संतोष
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