रुद्रपुर, 28 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि अवैध मदरसों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर धमकी भरा बयान देने वाले मुफ्ती के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की वजह से धमकियों में आने वाली सरकार का जमाना अब चला गया है।
इस बीच, ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में बुधवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर उलेमा मुफ्ती मुजीब द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मुख्यमंत्री ने जिले के खटीमा में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुफ्ती के बयान को एक ऐसी विचारधारा बताया जो अतिक्रमण करने, भारत के संविधान को न मानने और धमकी देने का काम करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ वह जमाना चला गया, जब लोग इनकी धमकी में आते थे और इनके वोटों के चक्कर में तुष्टीकरण करते थे.....। अब सरकार बदल गयी है। (नरेन्द्र) मोदीजी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश के अंदर कानून का राज स्थापित हुआ है। हमारी संवैधानिक मान्यताएं हैं और उनके हिसाब से काम होता है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड डरने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें (मुफ्ती को) प्रशासन ढूंढेगा और उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेगा।
धामी ने कहा कि इससे पहले भी हमने राज्य की 13 हजार एकड़ से अधिक जमीन अतिक्रमण और अवैध कब्जे से मुक्त कराई है और यह अभियान आगे भी चलता रहेगा।
खेड़ा मदरसे के प्रिंसिपल बताए जा रहे मुफ्ती मुजीब द्वारा मंच से दिए भड़काऊ भाषण का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें वह उत्तराखंड सरकार द्वारा मदरसों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर धमकी देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर मदरसे बंद कर दिए गए तो देखना कि ये मुसलमान क्या हाल करेंगे।
मुफ्ती ने इसके साथ ही पिछले वर्ष ईदगाह की आठ एकड़ भूमि को नगर निगम द्वारा लिए जाने का मुद्दा भी उठाया और उसे वापस करने की मांग की।
इस पर पलटवार करते हुए रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘आठ एकड़ तो दूर, सरकारी भूमि का एक इंच हिस्सा भी किसी के दबाव में नहीं छोड़ा जाएगा।’’
उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम ने जिस भूमि को अपने कब्जे में लिया है, उस पर अवैध अतिक्रमण किया गया था।
इस बीच, वायरल वीडियो को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच मुफ्ती घर से फरार हैं। हालांकि, पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने कहा कि वायरल वीडियो में मुफ्ती द्वारा दिए गए अनर्गल बयानों से सामाजिक सौहार्द खराब करने की कोशिश की गयी। उन्होंने बताया कि जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुफ्ती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, जुलूस कमेटी के प्रबंधक डॉ शाहिद रजा ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जनित है और झूठा है।
भाषा सं दीप्ति
धीरज
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