नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को इस बात पर जोर दिया कि भारत को उपभोक्ता से आगे बढ़कर अत्याधुनिक तकनीकों का सृजनकर्ता बनना होगा।
उन्होंने कहा, “हमें हमेशा उपभोक्ता बने रहने के बजाय ऐसी चीजें विकसित करनी होंगी, जिनका इस्तेमाल दूसरे लोग कर सकें।”
उन्होंने भारत की तकनीकी और रणनीतिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए स्वदेशी एआई क्षमताएं विकसित करने की भी जरूरत बताई।
सेमीकंडक्टर विनिर्माण का जिक्र करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि भारत बहुत पहले ही चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख सकता था और संभवतः अब तक वैश्विक अग्रणी बन चुका होता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र को एक बार फिर गति मिली है।
उपराष्ट्रपति ने यहां स्वदेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंच 'ज्ञानी अर्थ' की शुरुआत के मौके पर ये बातें कहीं।
भाषा
शुभम पवनेश
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