नयी दिल्ली/चेन्नई, 28 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने शुक्रवार को कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों का बच जाना किसी ‘चमत्कार’ से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि भावनात्मक सदमे के बावजूद इस समूह ने असाधारण दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया।
तीर्थयात्रियों के हौसले और मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहने की क्षमता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, “गंभीर भावनात्मक सदमे के बावजूद उन्होंने अद्भुत इच्छाशक्ति दिखाई और सेना की सहायता से खतरनाक तथा क्षतिग्रस्त रास्तों पर पैदल चलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचे।’’
तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुल 57 लोगों द्वारा झेली गई भयावह स्थिति का विवरण देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ने शुक्रवार को दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि यह समूह तीन वाहनों में यात्रा कर रहा था और बचाए गए लोग दूसरे वाहन में सवार थे। इन 21 लोगों को बचाकर राष्ट्रीय राजधानी लाया गया है।
तमिलनाडु हाउस में पत्रकारों को जानकारी देते हुए राजमोहन ने कहा कि बचाए गए लोगों में से कई लोगों के पासपोर्ट, पहचान संबंधी दस्तावेज और निजी सामान आपदा में खो गए हैं। राज्य सरकार बचे हुए लोगों को जरूरी मदद मुहैया करा रही है, जिसमें यात्रा दस्तावेज उपलब्ध कराना, चिकित्सा सहायता और उन्हें उनके संबंधित घरों तक पहुंचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी छोटे-छोटे समूहों में यात्रा कर रहे पर्यटकों के बारे में भी लगातार जानकारी जुटा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी ना छूट पाए।
एक सूत्र ने बताया कि बचाए गए सभी 21 तीर्थयात्री आज देर रात चेन्नई हवाई अड्डा पर पहुंचेंगे।
भाषा संतोष माधव
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