नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) सरकार द्वारा गठित एक कार्यबल ने सार्वजनिक परीक्षाओं में ‘‘जवाबदेही और संस्थागत व्यवस्थाओं’’ समेत विभिन्न सुधारों को लेकर शुक्रवार को सुझाव मांगे।
केंद्र ने प्रश्नपत्र लीक को लेकर छात्रों की चिंताओं को दूर करने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में जुलाई में उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल (एचपीटीएफ) के गठन की घोषणा की थी। इस कार्यबल को सार्वजनिक परीक्षाओं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं के संचालन, सुरक्षा, स्वरूप और प्रशासन से जुड़े व्यापक सुधारों की समीक्षा कर सिफारिशें देने का जिम्मा सौंपा गया है।
केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि कार्यबल संस्थागत प्रणालियों और प्रक्रियाओं को मजबूत करने, परीक्षाओं की शुचिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने, उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल, परीक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सुलभता और समावेशिता को प्रोत्साहित करने तथा छात्रों के हितों की रक्षा के उपायों पर विचार कर रहा है।
बयान में कहा गया कि इसका उद्देश्य एक मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी, समान अवसर प्रदान करने वाली और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली विकसित करना है।
इसके अनुसार, कार्यबल का मानना है कि इस प्रक्रिया में सभी हितधारकों के अनुभव, ज्ञान और दृष्टिकोण का लाभ लेना बेहद उपयोगी होगा। इसी के मद्देनजर छात्रों और अभ्यर्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों, परीक्षा आयोजित करने वाले एवं परीक्षा कराने के लिए अनुरोध करने वाले निकायों तथा नागरिक समाज संगठनों समेत विभिन्न पक्षों से सुझाव मांगे गए हैं।
बयान के अनुसार, सुझाव सरकारी परीक्षाओं के संचालन और सुरक्षा, परीक्षा की रूपरेखा और मूल्यांकन पद्धति, प्रशासन, जवाबदेही एवं संस्थागत व्यवस्थाओं तथा परीक्षाओं में कदाचार की रोकथाम, पहचान और उसके निवारण से संबंधित हो सकते हैं।
सुरक्षित कंप्यूटर आधारित परीक्षा समेत प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल, परीक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे के निर्माण और विस्तार, सामाजिक, आर्थिक, क्षेत्रीय और भाषाई समूहों के लिए बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने वाली समावेशी परीक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता, शिकायत निवारण और हितधारकों के साथ संवाद जैसे विषयों पर भी सुझाव दिए जा सकते हैं।
इसके अलावा, परीक्षा प्रक्रिया के दौरान छात्रों के कल्याण को बढ़ावा देने संबंधी कदमों और परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने वाले सुझावों को भी आमंत्रित किया गया है।
मंत्रालय ने कहा कि सुझाव अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में दिए जा सकते हैं।
भाषा
सिम्मी दिलीप
दिलीप