इंफाल, 28 अगस्त (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में जो लोग शांति नहीं चाहते, उनकी पहचान की जानी चाहिए।
सिंह ने असम राइफल्स द्वारा ‘‘मणिपुर की स्थिति: मौजूदा भरोसे की कमी और भरोसा बहाली की राह’’ विषय पर आयोजित एक व्याख्यानमाला के दौरान ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मई 2023 में हिंसा शुरू होने से पहले, वह अक्सर पहाड़ी इलाकों का दौरा करते थे और वहां समुदायों के बीच शांति, सद्भाव और सहयोग का माहौल देखते थे।
उन्होंने कहा कि हिंसा ने राज्य में हालात को पूरी तरह से बदल दिया है।
सिंह ने लोगों के बीच भरोसे की कमी के बारे में कहा कि इसे सिर्फ़ बातचीत या बयानों से दूर नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए समुदायों के बीच लगातार बातचीत और आपसी समझ की ज़रूरत है।
उन्होंने शांति बहाल करने को सबसे अहम बताते हुए कहा कि सरकार शांति से कोई समझौता नहीं करेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग राहत शिविरों और पहाड़ी ज़िलों के दौरे के दौरान उन्होंने कई समुदायों के लोगों से बात की और पाया कि वे सभी शांति से रहना चाहते हैं और अपने-अपने घरों को लौटना चाहते हैं।
सिंह ने यह भी कहा कि ऐसे कुछ लोगों और समूहों की पहचान की जानी चाहिए, जो झगड़ा या तनाव फैलाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग ऐसे हैं, जो शांति नहीं चाहते। हमें उनकी पहचान करके उन्हें सुधारना होगा, क्योंकि आम लोग शांति चाहते हैं।’’
सिंह ने संकट के समय लोगों की जान बचाने में पुलिस, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि इस मुश्किल दौर में अलग-अलग समुदायों के लोगों ने भी एक-दूसरे की मदद की थी।
उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौरान असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा बलों ने 47,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की।
उन्होंने सभी समुदायों, नागरिक समाज संगठनों, नेताओं और अन्य संबंधित पक्षों से अपील की कि वे आपसी भरोसे की कमी को दूर करने और राज्य में शांति बहाल करने के लिए सहयोग करें तथा मिलकर काम करें।
भाषा
सुरेश नरेश
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