इंदौर (मप्र), 28 अगस्त (भाषा) अभिनेता परेश रावल ने शुक्रवार को कहा कि देश की नयी पीढ़ी जोश और जज्बे से लबरेज है, लेकिन उसे बहकावों से बचते हुए संभलकर आगे बढ़ना होगा।
रावल ने इंदौर में एक उच्च शिक्षा संस्थान के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि नयी पीढ़ी के लोगों को थोड़ा बैठकर सोचना पड़ेगा कि कैसे आगे बढ़ना है, 'वरना कभी-कभी बहकावे में चीजें बिगड़ जाती हैं।'
लोकसभा के पूर्व सदस्य ने कहा,‘‘हमने ऐसी कई क्रांतियां देखी हैं जो आगे चलकर भटक और अटक जाती हैं, भले ही इसके जो भी कारण रहे हों।’’
उन्होंने एक सवाल पर कहा कि शिक्षा जगत में सुधार के लिए पूरे ढांचे में सुधार लाना होगा और शिक्षकों के साथ ही विद्यार्थियों तथा उनके माता-पिता को भी अपना नजरिया बदलना पड़ेगा।
रावल ने नीट-यूजी परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने का उदाहरण देते हुए कहा कि जाहिर है कि यह पर्चा खरीदने के लिए विद्यार्थियों के माता-पिता ने ही उन्हें धन दिया होगा।
उन्होंने कहा,‘‘विद्यार्थियों के माता-पिता को भी ऐसी अनुचित गतिविधियों को समर्थन नहीं देना चाहिए।’’
फिल्म ‘हेरा-फेरी’ में बाबूराव गणपतराव आप्टे उर्फ 'बाबू भैया' के किरदार के लिए मशहूर 71 वर्षीय अभिनेता ने एक सवाल पर कहा कि उन्हें इस पात्र में आर.के. लक्ष्मण के कार्टून में नजर आने वाले आम आदमी का अक्स दिखाई देता है।
उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि उनके निभाए जो किरदार बेहद मशहूर हो जाते हैं, उन्हें घिसे-पिटे तरीके से दोबारा अदा करने में उन्हें घुटन महसूस होती है।
रावल ने कहा,‘‘अगर आप बाबू भैया जैसे किरदारों को नयी फिल्मी कहानियों में डालकर अलग दिशा में ले जाएंगे, तो दर्शकों को भी मजा आएगा।’’
उन्होंने कहा कि अगर उन्हें ओटीटी की किसी फिल्म के लिए अच्छी पटकथा मिलती है, तो वह इस माध्यम के लिए जरूर काम करना चाहेंगे।
रावल ने इंदौर के नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एनएमआईएमएस) के उपाधि वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। इस समारोह में वाणिज्य, विधि और प्रौद्योगिकी प्रबंधन व अभियांत्रिकी संकायों के पाठ्यक्रमों के कुल 340 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
भाषा हर्ष धीरज
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