कोहिमा, 28 अगस्त (भाषा) नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने शुक्रवार को कहा कि सीमांत नागालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण विधेयक, जिसका मकसद राज्य के पूर्वी हिस्सों के लिए एक नया प्रशासनिक निकाय बनाना है, कानूनी चिंताओं को दूर करने के बाद 1 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि उनके मंत्रिमंडल ने पूर्वी नगालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के साथ बातचीत की है और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा इस संगठन के साथ हस्ताक्षर किये गए समझौता ज्ञापन को लागू करने के कानूनी पहलुओं पर विचार किया है।
राज्य के छह पूर्वी जिलों की आठ जनजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाली मुख्य संस्था ईएनपीओ, दशकों से नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाते हुए 2010 से ही अलग राज्य की मांग कर रही है। बाद में, वह सीमांत नगालैंड क्षेत्रीय प्राधिकरण (एफएनटीए) के तहत कुछ हद तक स्वायत्तता देने के केंद्र के प्रस्ताव पर सहमत हो गई।
रियो ने कहा कि सरकार को शुरू में कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि राज्य के पास विधायी शक्तियां सौंपने का अधिकार नहीं था।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनसे बातचीत की, एक और पत्र तैयार किया।’’ उन्होंने कहा कि इसके बाद कानूनी राय के लिए यह मामला अटॉर्नी जनरल को भेजा गया।
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