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बैठक से ‘इनकार’ के विरोध में पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री मान का पुतला फूंका

(फाइल फोटो के साथ जारी)

होशियारपुर (पंजाब), 28 अगस्त (भाषा) पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने उनके प्रति मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित ‘‘उदासीन रवैये’’ और कर्मचारी प्रतिनिधियों से मिलने से उनके इनकार के विरोध में शुक्रवार को यहां उनका पुतला फूंका तथा उनके खिलाफ नारे लगाए। कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने यह जानकारी दी।

यह प्रदर्शन पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनभोगी संयुक्त मोर्चा और साझा मुलाजिम मंच, पंजाब द्वारा गठित संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर आयोजित किया गया।

नेताओं ने बताया कि प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने 27 अगस्त को लिए गए सामूहिक आकस्मिक अवकाश को लेकर जारी सरकारी पत्र की प्रतियां भी जलाईं। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई उस पोस्ट की प्रतियां भी जलाईं, जिसमें उन्होंने कहा था कि बैठक और आंदोलन, दोनों एक साथ नहीं चल सकते।

कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारियों के प्रति मान के कथित ‘‘अहंकारी रवैये’’ की आलोचना की और महंगाई भत्ते (डीए) के भुगतान से संबंधित पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को तत्काल लागू किए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने उनके ज्ञापन में शामिल अन्य मांगों का भी समाधान किए जाने की मांग की।

नेताओं ने प्रदर्शन और 27 अगस्त के सामूहिक आकस्मिक अवकाश में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के शामिल होने के लिए उनका आभार जताया।

पंजाब में बृहस्पतिवार को तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों के राज्यव्यापी हड़ताल पर जाने से विभिन्न सरकारी विभागों में कामकाज प्रभावित हुआ और सरकारी अस्पतालों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं ठप रहीं। कर्मचारी लंबित महंगाई भत्ता जारी करने समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर थे।

जालंधर में मुख्यमंत्री मान और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली निर्धारित बैठक उस समय रद्द हो गई थी जब मान ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से कहा कि बातचीत तभी होगी जब वे हड़ताल वापस लेंगे।

कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया और कहा कि बैठक बिना किसी शर्त के होनी चाहिए।

पंजाब साझा मुलाजिम मंच के बैनर तले 150 से अधिक कर्मचारी संगठन ‘महा हड़ताल’ के लिए एकजुट हुए हैं।

भाषा

सिम्मी नरेश

नरेश