नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने असम की एक महिला के साथ 2016 में 16 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी के मामले में 45 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मामला शुरू में असम के कामरूप जिले के पान बाजार थाने में दर्ज किया गया था और बाद में इसे दिल्ली के द्वारका दक्षिण थाने में स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने 2019 में मामले में ‘अनट्रेस रिपोर्ट’ दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने आगे जांच के निर्देश दिए और एक टीम गठित की गई।
‘अनट्रेस रिपोर्ट’ का मतलब है कि जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों से जुड़े पर्याप्त सुराग नहीं मिले।
पुलिस ने आरोपी सुनील गुप्ता को 21 अगस्त को उत्तम नगर स्थित उसके कार्यालय से गिरफ्तार किया। वह प्रॉपर्टी डीलर के रूप में काम कर रहा था।
गुवाहाटी निवासी शिकायतकर्ता से 2016 में बैंक अधिकारी बनकर कुछ लोगों ने कथित तौर पर संपर्क किया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्होंने उसके बैंकिंग, एटीएम और पिन विवरण प्राप्त किए और फर्जी पहचान का उपयोग करके खोले गए कई बैंक खातों में धोखाधड़ी से उसके खाते से 16.08 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए।
अधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नोटबंदी के बाद पैसे नहीं निकाल सके और उन्होंने दिल्ली में विभिन्न आभूषण की दुकानों से सोने के सिक्के खरीदने के लिए डेबिट और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और उनके धारकों व दस्तावेजों की जानकारी की जांच की गई और राष्ट्रीय आसूचना ग्रिड (एनएटीजीआरआईडी) ऐप का उपयोग करके संदिग्धों का विवरण प्राप्त किया गया।
पूछताछ के दौरान गुप्ता ने बताया कि वह पहले टैक्सी चलाता था और इसी दौरान वह अन्य टैक्सी चालक ईशान माहे के संपर्क में आया।
पुलिस के मुताबिक, गुप्ता ने बताया कि 2016 में, उसने, माहे और एक अन्य आरोपी अरुण ने गुवाहाटी की महिला के खाते से धोखे से लगभग 16-17 लाख रुपये स्थानांतरित किए। इस मामले में एक महिला भी कथित तौर पर शामिल थी।
आरोपियों ने धोखाधड़ी से प्राप्त पैसों से सोने के सिक्के खरीदे और बाद में उन्हें आपस में बांट लिया।
अधिकारी ने कहा, गुप्ता के खिलाफ दिल्ली, तमिलनाडु और हरियाणा में धोखाधड़ी और जालसाजी के चार मामले दर्ज हैं।
माहे को भी छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है और फिलहाल वह दुर्ग जेल में बंद है। उसपर आठ से अधिक साइबर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
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