नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 2013 में नया पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन करते समय लंबित आपराधिक मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी कथित तौर पर छिपाने के मामले में पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रीति, विनोद कुमार पांडे के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थीं। पांडे ने नया पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन करते समय अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी थी।
मजिस्ट्रेट ने घटना के बारे में अभियोजन पक्ष के बयानों पर आरोपी की आपत्तियों को खारिज कर दिया और माना कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 के तहत उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
अदालत ने 25 अगस्त के एक आदेश में कहा, 'किसी आपराधिक मुकदमे के लंबित होने की जानकारी छिपाना एक अहम जानकारी छिपाना है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि आवेदन दाखिल करने की तारीख पर आरोपी के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा लंबित था और इसलिए, आरोपी के खिलाफ अहम जानकारी छिपाने के लिए पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत दंडनीय अपराध का प्रथम दृष्टया मामला बनता है।'
पांडे ने दलील दी थी कि दिल्ली की अदालत के पास मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार नहीं है क्योंकि उनका पासपोर्ट गाजियाबाद स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) ने जारी किया था।
अदालत ने कहा कि पासपोर्ट के लिए आवेदन करने के समय पांडे के खिलाफ आपराधिक मुकदमा लंबित था।
अदालत ने आरोप तय करने के लिए 24 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश