भुवनेश्वर, 28 अगस्त (भाषा) ओडिशा सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे अपनी कैंटीन के नाश्ते में 'पूड़ी', 'वड़ा' और 'बोन्डा' जैसे अधिक तेल वाले व्यंजनों को शामिल करने से बचें।
उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव रमेश चंद्र बेहेरा ने शुक्रवार को इस संबंध में सभी संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र लिखा।
पत्र में बेहेरा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद से पूरी दुनिया लगातार आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और संकट का सामना कर रही है। हाल के दिनों में यूक्रेन और ईरान में चल रहे संघर्षों के कारण खाद्य सामग्री, उर्वरक और ईंधन की आपूर्ति में भी बाधाएं आई हैं।
उन्होंने पत्र में लिखा, 'दुनिया का कोई भी देश इस आर्थिक संकट के प्रभाव से अछूता नहीं है।'
यह उल्लेख करते हुए कि कई देशों ने ईंधन की खपत घटाने के उपाय किए हैं, बेहेरा ने कहा कि भारत भी इस लंबे समय से चले आ रहे संकट के 'नकारात्मक परिणामों' का सामना कर रहा है।
उप सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी देश के सामने खड़ी इस स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों से अपने स्तर पर छोटे-छोटे योगदान देने की सार्वजनिक अपील की है।
विभाग ने प्राचार्यों से आग्रह किया है कि वे अपने संस्थानों के छात्रावासों और कैंटीनों को छात्रों का भोजन तैयार करते समय तेल का उपयोग कम करने के आवश्यक निर्देश जारी करें।
विभाग ने प्राचार्यों से कहा, 'नाश्ते में अधिक तेल वाले व्यंजनों जैसे पूड़ी, वड़ा और बोन्डा से परहेज करें। तले हुए भोजन को पोषण से समझौता किए बिना कम किया जाए तथा आयातित पाम, सूरजमुखी या सोयाबीन तेल की जगह पारंपरिक घी, सरसों के तेल और मूंगफली के तेल के उपयोग को बढ़ावा दें।'
भाषा सुमित नरेश
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