कानपुर (उप्र), 28 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शहर के पनकी इलाके में सड़क के किनारे बड़ी मात्रा में उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी टॉफी और चॉकलेट फेंकने के आरोप में कार्रवाई करते हुए फैक्टरी को सील कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
सड़क किनारे फेंकी गई चॉकलेट और टॉफी को लोगों द्वारा एकत्र करने का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था।
सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) संजय प्रताप सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए खाद्य सुरक्षा की एक टीम ने पनकी के इस्पात नगर में सुधा सेल्स नामक फर्म द्वारा फेंकी गई कन्फेक्शनरी का पता लगाया और परिसर को सील कर दिया।
सिंह ने कहा, विभाग ने सड़क पर मिले पैकेट और रैपर की जांच की, जिनसे उक्त फैक्टरी की पहचान करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘बाद में एक टीम ने कंपनी के परिसर का निरीक्षण किया, जहां यह जानकारी मिली कि मालिक शहर से बाहर गया है। परिसर को सील कर दिया गया है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘मालिक के लौटने और अधिकारियों द्वारा परिसर का निरीक्षण करने के बाद ही कंपनी को अपना परिचालन दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सील के साथ छेड़छाड़ या तोड़ने का कोई भी प्रयास पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’
यह कार्रवाई पनकी के औद्योगिक क्षेत्र में कथित तौर पर वायरल एक वीडियो के तीन दिन बाद हुई जिसमें लोगों को फेंकी गई चॉकलेट और टॉफी के ढेर के आसपास भीड़ लगाते हुए और कन्फेक्शनरी के साथ बैग और बोरे भरते हुए दिखाया गया था। कुछ लोग मोटरसाइकिल और कार से आए थे, जिससे यातायात बाधित हो गया था।
पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाद में यह पता लगाने के लिए अलग-अलग जांच शुरू की थी कि सामग्री कब और किसके द्वारा फेंकी गई थी और क्या कन्फेक्शनरी (मीठा खाद्य पदार्थ) अब इस्तेमाल के लायक नहीं थी।
प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर फटे और कीचड़ से सने रैपर पाए गए। पुलिस ने कहा था कि सामग्री की जांच उसके स्रोत का पता लगाने और खाद्य सुरक्षा मानदंडों के संभावित उल्लंघन का पता लगाने के लिए की जा रही है।
भाषा सं जफर धीरज
धीरज