नदिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रहने के आरोप में चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है जिससे इस महीने ‘वीजा सत्यापन’ अभियान के तहत हिरासत में लिए गए विदेशियों की कुल संख्या 35 हो गई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
मध्य दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) अंगद मेहता ने कहा कि इस महीने के दौरान हिरासत में लिए गए 35 बांग्लादेशी नागरिकों में से 31 को निर्वासित कर दिया गया है, जबकि चार नए बंदियों के खिलाफ निर्वासन की कार्यवाही शुरू की गई है।
इन चारों को विशेष वीज़ा सत्यापन अभियान 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के दौरान पकड़ा गया था। इस अभियान का उद्देश्य उन विदेशी नागरिकों की पहचान करना है जिन्होंने वीज़ा शर्तों का उल्लंघन किया है और दिल्ली में रह रहे हैं।
पुलिस टीम ने पहाड़गंज के नबी करीम इलाके में होटलों और अतिथि गृहों में जांच की और एक बांग्लादेशी नागरिक को अरकाशन रोड के एक होटल में और तीन अन्य को राम नगर के एक होटल में पाया।
चारों की पहचान जौहर- उल-इस्लाम (41), काजी मोहम्मद नईम-उर रहमान (25), मोहम्मद मुहित उद्दीन (34) और माहिम (21) के रूप में की गई।
उनके पासपोर्ट, वीजा और अन्य यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई। पुलिस ने पाया कि चारों ने ‘डबल-एंट्री’ (दो बार आने की अनुमति) वीजा पर भारत में प्रवेश किया था, जिसमें प्रति यात्रा अधिकतम 15 दिन रहने की अनुमति थी।
एडीसीपी ने कहा कि वे अनुमेय अवधि से अधिक समय तक भारत में रहे, जिससे उनके संबंधित वीजा की शर्तों का उल्लंघन हुआ।
मेहता ने कहा कि बाद में चारों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश किया गया, जिसने प्रतिबंध आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया कि उन्हें सराय रोहिल्ला में निरूद्ध केंद्र में रखा जाए।
पुलिस ने कहा कि उन्हें निरूद्ध केंद्र में रखा गया है और निर्वासन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
भाषा नोमान नोमान नरेश
नरेश