नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने आतंकवाद से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आंध्र प्रदेश, राजस्थान और बिहार के उच्च न्यायालयों के साथ विचार-विमर्श के बाद इन राज्यों के लिए तीन नयी एनआईए विशेष अदालतें स्थापित की हैं।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, 2008 की धारा 11 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार ने राजस्थान, पटना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के साथ विचार-विमर्श करके जयपुर, पटना और विशाखापत्तनम की विशेष अदालतों को क्रमशः विशेष एनआईए अदालत के रूप में नामित किया है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है कि ये अदालतें उन अनुसूचित अपराधों की “विशेष रूप से सुनवाई” करेंगी, जिनकी जांच एनआईए कर रही है।
इन अदालतों का अधिकार क्षेत्र राज्य के स्तर पर होगा और इनमें गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी।
सोलह दिसंबर, 2025 को केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए वह हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में एक समर्पित एनआईए अदालत बनाएगा और उन जगहों पर एक से अधिक अदालतें बनाएगा, जहां आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत 10 से अधिक मामले हैं।
फरवरी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उच्चतम न्यायालय के सामने एक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि जिन राज्यों में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा जांच किए जाने वाले 10 या उससे अधिक मामलों की सुनवाई लंबित है, वहां विशेष अदालतें बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप