तिरुवनंपुरम, 28 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि सामाजिक सुधारक श्री नारायण गुरु और अय्यंकाली ने मानवता और सामाजिक न्याय के लिए आवाज उठाई। सतीशन ने उन्हें राज्य के सर्वाधिक महान क्रांतिकारियों में शामिल बताया।
श्री नारायण गुरु की 171वीं और अय्यंकाली की 163वीं जयंती के अवसर पर केरलम में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
केरलम के दोनों समाज सुधारकों की जयंती पर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सतीशन ने कहा कि गुरु की महानता केवल संदेश देने में नहीं, बल्कि अपने जीवनकाल में ही अपने आदर्शों को व्यवहार में उतारने में निहित थी। उन्होंने कहा कि मनुष्य जाति और धर्म से ऊपर है।
सतीशन ने कहा कि गुरु किसी विशेष जाति या धर्म के प्रतिनिधि नहीं थे। उन्होंने कहा कि इंसानियत और इंसानों के प्रति प्रेम ही संत-सामाजिक सुधारक के विचारों की नींव थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अय्यंकाली ने ऐतिहासिक रूप से अपनी आजीविका के लिए काम करने को मजबूर लोगों के एक वर्ग को यह एहसास कराया कि शिक्षा ही सामाजिक प्रगति का एकमात्र मार्ग है।
उन्होंने कहा जातिगत भेदभाव के खिलाफ और उत्पीड़ित वर्गों के अधिकारों के लिए अय्यंकाली का समझौताविहीन संघर्ष आज भी समाज को प्रेरित करता है।
दोनों समाज सुधारकों की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सतीशन ने कहा, “श्री नारायण गुरु और अय्यंकाली, हर मायने में, केरलम के अब तक के सबसे महान क्रांतिकारी हैं।”
इस बीच, विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने कहा कि श्री नारायण गुरु ने यह घोषणा करते हुए केरलम के सामाजिक जीवन में बदलाव ला दिया कि मनुष्य की एकमात्र जाति मानवता है।
विजयन ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि जिस समय जातिवाद, उच्च जातियों का वर्चस्व और सामाजिक कुरीतियां मानव स्वतंत्रता एवं आत्मसम्मान के मार्ग में बाधा बनी हुई थीं, उस समय गुरु ने सामाजिक पुनर्जागरण का झंडा बुलंद किया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके विजयन ने कहा कि अय्यंकाली ने समानता, सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा पर आधारित समाज की परिकल्पना की थी।
भाषा मनीषा रंजन सुरेश
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