नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुजरात में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के संस्मरण ‘आई एम मलाला’ के पाठ सत्र में शामिल लोगों पर दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले को लेकर शुक्रवार को तंज कसते हुए कहा कि अज्ञानता के साथ सांप्रदायिकता का तड़का एक लाइलाज बीमारी है।
पुलिस के अनुसार, अहमदाबाद शहर के वस्त्रपुर गार्डन में बृहस्पतिवार शाम आयोजित पाठ सत्र में शामिल लोगों पर एक समूह ने हमला किया। हमलावरों ने खुद को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से संबद्ध बताया था।
पुलिस ने बताया कि हमले के सिलसिले में शुक्रवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस घटना को लेकर कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख खेड़ा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अज्ञानता के साथ सांप्रदायिकता का तड़का एक लाइलाज बीमारी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अहमदाबाद के वस्त्रपुर उद्यान में बजरंग दल के सदस्यों ने एक पाठ कार्यक्रम में व्यवधान डाला और एक नागरिक समाज समूह के सदस्यों के साथ मारपीट की, क्योंकि वे मलाला यूसुफजई की किताब पढ़ रहे थे। उनका तर्क था? मुस्लिम मलाला की किताब नहीं पढ़ी जा सकती।’’
खेड़ा ने कहा, ‘‘मलाला तब चर्चा में आईं जब उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाई, जिसने स्वात पर कब्जा कर लड़कियों के स्कूल जला दिए और लड़कियों की पढ़ाई पर रोक लगा दी थी। दक्षिणपंथियों के ''मुस्लिम महिलाओं के समर्थन'' के तर्क के अनुसार तो मलाला उनके लिए आदर्श हैं।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘लेकिन हमेशा की तरह, जिन मामलों को वे समझते नहीं हैं, उनमें दखल देने की आदत उन पर भारी पड़ गई।’’
भाषा हक हक पवनेश
पवनेश