कोलकाता, 28 अगस्त (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने और न्यायाधिकरण के समक्ष लंबित अपील की सुनवाई में देरी के विरोध में दो सितंबर को प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई थी।
‘संग्रामी गणमंच’ नामक संगठन का पक्ष रखने के लिए पेश हुए एक अधिवक्ता ने औपचारिक याचिका दायर करने की अनुमति मांगी और मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया।
न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने यह अनुरोध ठुकरा दिया और कहा कि याचिका दायर होने के बाद मामला तय प्रक्रिया के अनुसार सूचीबद्ध होगा।
संगठन ने दो सितंबर को प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी है और दावा किया है कि इसमें 5,000 से अधिक लोग शामिल होंगे।
यह याचिका मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों और न्यायाधिकरण के सामने लंबित अपील पर सुनवाई में देरी से संबंधित है।
न्यायामूर्ति भट्टाचार्य ने पहले याचिका दायर नहीं करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर याचिका समय पर दायर नहीं की गई, तो उसपर तुरंत सुनवाई की मांग करने का कोई अधिकार नहीं है।
भाषा धीरज सुरेश
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