बिलासपुर, 28 अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के एक गौशाला में इस सप्ताह की शुरुआत में दो दिनों के दौरान छह मवेशियों की मौत हो गई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि ये मौतें मस्तूरी विकास खंड के ओखर गांव स्थित गौधाम में हुईं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि चारे और पानी की अपर्याप्त व्यवस्था, अधिक भीड़ और गौशाला में जलभराव इन मौतों के संभावित कारण हैं।
बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने हालांकि शुक्रवार को बताया कि गौधाम में 23 मवेशियों की मौत की सूचना मिलने के बाद बुधवार को पशु चिकित्सा सेवाओं के संयुक्त निदेशक डॉ. गोपाल शरण सिंह की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया गया था।
उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को सौंपी गई पशु चिकित्सा विभाग की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि दो दिनों के दौरान गौशाला में छह मवेशियों की मौत हुई थीं।
अग्रवाल ने बताया कि सिंह के नेतृत्व में पशु चिकित्सकों की एक टीम ने गौधाम का निरीक्षण किया और गौशाला की स्थितियों की जांच करने के अलावा मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम भी किया।
उन्होंने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है, जबकि मौतों से जुड़ी सटीक परिस्थितियों की आगे की जांच जारी है।
कलेक्टर ने उन खबरों का भी खंडन किया कि गौशाला में उसकी क्षमता से ढाई गुना अधिक मवेशी रखे गए थे।
अग्रवाल ने कहा कि सुरभि गौधाम योजना के तहत राज्य सरकार ने जिले में नौ अतिरिक्त गौशालाओं को मंजूरी दी है।
जिला कलेक्टर ने कहा कि इनकी स्थापना के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त गौशालाओं से मवेशियों की देखभाल से संबंधित समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
सरकार द्वारा जारी बयान के मुताबिक, जांच में सामने आया कि चार मवेशियों की मौत उम्र संबंधी कारणों से हुईं जबकि दो की मौत अन्य कारणों से हुई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गौधाम में मवेशियों को 21 अगस्त को स्थानांतरित किया गया था। इसमें कहा गया है कि वर्तमान में वहां ओखर ग्राम पंचायत के लगभग 300 मवेशी रखे गए हैं।
प्रशासन ने बताया कि मवेशियों की सुरक्षा के लिए ज़िला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि उन्हें सुरक्षित जगह पर ले जाया जाए और ओखर ग्राम पंचायत के सरपंच की सहमति से चराई के लिए बाहर ले जाया जाए।
भाषा सं संजीव धीरज
धीरज