इंफाल/सेनापति, 28 अगस्त (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में शुक्रवार को घात लगाकर किए गए हमले में नगा समुदाय के चार सदस्यों की मौत हो गई। हमले में बचे एक व्यक्ति ने बताया कि हमलावरों ने पूरी तरह से ‘कैमोफ्लाज’ वर्दी पहन रखी थी।
गैइकामांग रिंगकांगमई (44) को बाएं हाथ में गोली लगने के बाद सेनापति जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा बलों ने उन्हें हमले वाली जगह से बचाया।
रिंगकांगमई ने पत्रकारों से कहा, 'मैं मकुई गांव का रहने वाला हूं। कल हम छह लोग एक वाहन में थे। हम अक्सर उस रास्ते से यात्रा करते थे। हम सेनापति जिले की ओर जा रहे थे, तभी उग्रवादियों ने हम पर घात लगाकर हमला किया। हमारे चार साथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हम दो लोग बच गए।'
उन्होंने कहा, 'मेरे हाथ में गोली लगी, लेकिन मैं वाहन से कूद गया और भागकर झाड़ियों में छिप गया।'
रिंगकांगमई ने दावा किया कि हमलावर दो-दो के जोड़ों में मौजूद थे और उन्होंने पूरी तरह से कैमोफ्लाज (आसपास के वातावरण में छिपने के लिए विशेष रंग-पैटर्न वाली) वर्दी पहन रखी थी।
उन्होंने कहा, 'उन्होंने अपनी राइफलों के ऊपर लाल रंग की पट्टियां बांध रखी थीं और वे लगातार गोलियां चला रहे थे।'
हमले में बचने वाले दूसरे व्यक्ति की पहचान जापौ एमके के रूप में हुई है।
मारे गए विसोबोउ चारेनमई के छोटे भाई डब्ल्यू चारेनमई ने जल्द न्याय की मांग की।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'हम उग्रवादियों से कोई बदला नहीं चाहते। हम सिर्फ यह चाहते हैं कि सच्चाई सामने आए और हमारे मारे गए भाइयों को जल्द न्याय मिले।'
बृहस्पतिवार सुबह मणिपुर के कांगपोकपी जिले के जंगली इलाके में हथियारबंद उग्रवादियों ने एक वाहन पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में नगा समुदाय के कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हुआ।
उन्होंने बताया कि उग्रवादियों ने सुबह करीब 8:30 बजे मकुई अशांग और थाबांबा नगा गांवों के बीच एक सुनसान इलाके में वाहन पर हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मरने वालों में एक निजी स्कूल का प्रिंसिपल भी था।
मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने राज्य के सुरक्षा अधिकारियों को इस हत्याकांड में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।
पूर्वोत्तर राज्य में नगा समुदाय की सबसे बड़ी संस्था यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) ने दो कुकी उग्रवादी संगठनों कुकी नेशनल फ्रंट (पी) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी (केआरए) पर इस हमले में शामिल होने का आरोप लगाया।
मारे गए लोगों की पहचान एक निजी स्कूल के संस्थापक और प्रिंसिपल ताडसोंगबोउ रिंगकांगमई, एम. विजुनामई, अनिल विजुनामई और विसोबोउ चारेनमई के रूप में हुई है। विसोबोउ चारेनमई चावांगकिनिंग विलेज अथॉरिटी के अध्यक्ष थे। सभी छह पीड़ित लियांगमई नगा समुदाय से थे।
भाषा जोहेब पवनेश
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