त्रिशूर (केरलम), 28 अगस्त (भाषा) केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने शुक्रवार को कहा कि त्रिशूर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना तभी संभव है, जब केरलम सरकार इसके लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराए।
केरलम सरकार लंबे समय से केंद्र सरकार से राज्य में एक एम्स आवंटित करने की मांग कर रही है।
त्रिशूर से सांसद गोपी ने यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कभी भी जिले में एम्स लाने का वादा नहीं किया था। उन्होंने कहा कि त्रिशूर में इस संस्थान को स्थापित करने की मांग चुनाव के बाद ही उठाई गई थी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा, 'एम्स के संबंध में चुनाव प्रचार के दौरान ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था। आप मेरे सभी भाषणों की जांच कर सकते हैं। चुनाव के बाद ही यह कहा गया था कि त्रिशूर एम्स के लिए योग्य है।'
उन्होंने कहा, 'मैं इस विचार का समर्थन करता हूं कि त्रिशूर भी इसके लिए पात्र है। लेकिन एम्स की स्थापना त्रिशूर में तभी होगी जब केरलम सरकार जमीन देने का फैसला करेगी।'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस विश्वस्तरीय अस्पताल और शोध संस्थान को स्थापित करने के लिए पर्याप्त भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने उल्लेख किया कि मड़कथरा पंचायत में लगभग 400 एकड़ भूमि उपलब्ध है। इसके अलावा मन्नुथी और पुलिस अकादमी के पास भी जमीन उपलब्ध है।
गोपी ने पिछली राज्य सरकार पर इस मुद्दे पर अनिच्छा और ढिलाई दिखाने का आरोप लगाया तथा वर्तमान सरकार से ऐसा न करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, 'पिछली सरकार ने इस संबंध में काफी अनिच्छा दिखाई थी। आशा है कि वर्तमान सरकार ऐसी अनिच्छा नहीं दिखाएगी।'
भाषा सुमित मनीषा
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