कोलकाता, 28 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने विश्व भारती के कुलपति प्रबीर कुमार घोष को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नीति को लागू करने में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में आयोग के सामने पेश नहीं होने पर नाखुशी जताई है। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पत्र के अनुसार, एक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए आरक्षण नीति को लागू करने में कथित खामियों के सिलसिले में 20 अगस्त को आयोग के सदस्य डॉ. पार्थ बिस्वास के सामने सुनवाई तय थी।
विश्वविद्यालय के अधिकारी ने कहा, ‘‘कुलपति को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वह तय सुनवाई में शामिल नहीं हो सके। केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रशासनिक स्तर के अन्य अधिकारी वहां मौजूद थे।’’
उन्होंने बताया कि 27 अगस्त का यह पत्र कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव को भेजा गया था।
आयोग ने कहा कि सदस्य ने सुनवाई में कुलपति की अनुपस्थिति को ‘‘बहुत गंभीरता’’ से लिया है।
इसने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनवाई की अगली तारीख पर आयोग के सामने कुलपति की व्यक्तिगत उपस्थिति सुनिश्चित करें।
विश्व भारती विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि कुलपति के कार्यालय को यह पत्र मिला है।
उन्होंने कहा, ‘‘भर्ती का निर्णय कुलपति द्वारा अकेले नहीं बल्कि बोर्ड के सभी सदस्यों की उपस्थिति में लिया गया था।’’
भाषा शफीक देवेंद्र
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