अहमदाबाद, 28 अगस्त (भाषा) नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई के संस्मरण ‘‘आई एम मलाला’’ के वाचन के दौरान गुजरात के अहमदाबाद शहर में उस समय हिंसा हो गई, जब दक्षिणपंथी कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले लोगों के एक समूह ने कार्यक्रम में शामिल लोगों पर हमला कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम वस्त्रपुर उद्यान में हुई इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वस्त्रपुर थाने की पुलिस निरीक्षक जी. एम. चौधरी ने बताया कि करीब 20 लोग सार्वजनिक उद्यान में पुस्तक वाचन के लिए जुटे थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इसी दौरान 18 से 20 लोगों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया। इस समूह ने खुद को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) से जुड़ा बताया और पुस्तक के चयन को लेकर आपत्ति जताई।
उन्होंने बताया कि वाचन सत्र समाप्त होने के बाद जब प्रतिभागी उद्यान से बाहर निकल रहे थे, तभी करीब 18 से 20 लोग वहां पहुंचे और गुस्से में सवाल किया कि उन्होंने यूसुफजई की पुस्तक ‘‘आई एम मलाला’’ के अंश क्यों पढ़े।
अधिकारी ने बताया कि इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। हमलावरों के पास डंडे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों में से दो पीड़ितों को पहले से जानते थे। इनके अलावा छह अन्य लोगों की पहचान की गई है और तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है।’’
उन्होंने बताया कि हमलावरों ने खुद को बजरंग दल और विहिप से जुड़ा होने का दावा किया था।
अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा और शारीरिक पीड़ा पहुंचाने से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भाषा शफीक मनीषा
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