Breaking News

पी. चिदंबरम ने CBI को अधिक शक्तियां देने से संबंधित विचार का किया विरोध     |   दक्षिणी लेबनान में इजरायल का बड़ा हमला, हिज्बुल्लाह के ड्रोन अटैक का दिया जवाब     |   डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, बोले- जल्द पिकैक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है अमेरिका     |   नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1344 पहुंचा, पुलिस ने दी जानकारी     |   चीन ने पहली बार मौतों का आंकड़ा बताया, इमिग्रेशन बिल्डिंग से 31 शव बरामद     |  

नदी में बहकर आए शवों से मुर्दाघर भरे, नेपाल ने शव रखने की अस्थायी व्यवस्था की

काठमांडू, 28 अगस्त (भाषा) नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ में बह गए लोगों के शव नदी के बहाव की दिशा में काफी दूर मिल रहे हैं। इससे मुर्दाघरों में जगह कम पड़ गई है और अधिकारियों को शवों को रखने और उनकी पहचान करने के लिए अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ रही है। मीडिया में आई खबर से यह जानकारी मिली।

‘द काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट से बहे शव चितवन, तनाहुन, नवलपरासी, गोरखा और दूसरे जिलों तक मिले हैं, जिससे कई इलाकों के मुर्दाघरों में शव रखने तक की जगह नहीं बची है।

बुधवार को नेपाल में भोटेकोशी में अचानक बाढ़ आ गई थी। यह बाढ़ रसुवा और दूसरे जिलों से होते हुए त्रिशूली और नारायणी नदी प्रणालियों में तेजी से आगे बढ़ी, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ और बस्तियों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

खबर में कहा गया है कि चितवन में मिले शवों की संख्या अस्पताल की क्षमता से ज्यादा हो गई है, जिसके कारण अधिकारी शव रखने के लिए भरतपुर में एक अस्थायी केंद्र तैयार कर रहे हैं।

बृहस्पतिवार को चितवन के मुख्य जिला अधिकारी गणेश आर्यल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिए गए फैसले के बाद, भरतपुर महानगर-10 में विद्युत रोड पर स्थित ‘इंडस्ट्रियल एंटरप्राइज डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट’ की एक खाली इमारत को इस सुविधा केंद्र में बदला जाएगा।

बृहस्पतिवार को त्रिशूली और नारायणी नदियों के चितवन वाले हिस्से में फिशलिंग और गोलाघाट के बीच 137 शव बरामद किए गए और शव मिलने का सिलसिला जारी है।

मिले शवों की बढ़ती संख्या के कारण लापता लोगों के परिवार वाले भी अपने रिश्तेदारों की तलाश में रसुवा, नुवाकोट, गोरखा और दूसरे जिलों से चितवन पहुंच रहे हैं।

आर्यल ने बताया कि चितवन के अस्पतालों के मुर्दाघरों में कुल मिलाकर 30 से 50 शव रखे जा सकते हैं, जबकि अस्थायी सुविधा केंद्र में लगभग 250 शव रखने की जगह होने की उम्मीद है।

खबर के अनुसार, अगर यह क्षमता भी कम पड़ जाती है, तो अधिकारियों ने देवघाट स्थित इलेक्ट्रिक श्मशान घाट को एक अतिरिक्त विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

इस बीच, बाढ़ प्रभावित कई जिलों से शव लाए जाने के बाद पोखरा के मुर्दाघरों में भी जगह लगभग भर गई है। खबर के मुताबिक, तनाहुन, गोरखा, नवलपरासी ईस्ट और धाडिंग से कुल 93 शव पोखरा लाए गए हैं।

कास्की के मुख्य जिला अधिकारी कुमान सिंह गुरुंग ने बताया कि जिले के अस्पतालों में कुल मिलाकर 88 शव रखने की क्षमता है।

गुरुंग ने कहा, ‘‘संख्या के हिसाब से, हम पहले ही क्षमता से ज्यादा शव रख चुके हैं।’’

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने अभी तो शवों को रखने का इंतजाम कर लिया है, लेकिन अगर और शव आते हैं तो उन्हें पड़ोसी जिलों के साथ तालमेल बिठाना होगा।

भाषा शफीक मनीषा

मनीषा