गुवाहाटी, 28 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को संस्कृत दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए प्राचीन कामरूप की संस्कृत शिक्षा और ज्ञान के केंद्र के रूप में समृद्ध परंपरा को याद किया।
शर्मा ने संस्कृत विद्वान महामहोपाध्याय आनंदाराम बरुआ के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत-अंग्रेजी शब्दकोश और संस्कृत व्याकरण पर उनके कार्यों ने भारत की ज्ञान परंपरा को वैश्विक अकादमिक समुदाय से जोड़ने में मदद की।
उन्होंने कहा, ‘‘प्राचीन कामरूप संस्कृत के अध्ययन और ज्ञान की खोज का गौरवशाली केंद्र था। शिलालेखों और ताम्रपत्रों में दर्ज इसकी समृद्ध परंपरा आज भी हमारी विरासत का प्रमाण है।’’
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि युवा पीढ़ी बरुआ के ज्ञान, समर्पण और संस्कृत के प्रति उनके लगाव से प्रेरणा लेगी।
भाषा मनीषा रंजन
रंजन