जम्मू, 27 अगस्त (भाषा) रक्षाबंधन से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को जम्मू क्षेत्र में महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सैकड़ों जवानों से मुलाकात की और उनकी कलाइयों पर राखियां बांधीं।
जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के कई सीमावर्ती इलाकों में रक्षाबंधन मनाया गया जहां महिलाओं और छात्रों ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सुरक्षाकर्मियों के प्रति आभार जताया।
आर.एस. पुरा सेक्टर में स्कूली छात्राओं ने बीएसएफ जवानों से मुलाकात की, उन्हें तिलक लगाया और राखियां बांधीं। छात्राओं ने जवानों की लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना भी की।
सुचेतगढ़ ऑक्ट्रॉय चौकी पर सैकड़ों स्कूली बच्चे बीएसएफ जवानों के साथ त्योहार मनाने के लिए इकट्ठा हुए। बच्चों ने सम्मान, आभार और भाईचारे के प्रतीक के तौर पर जवानों की कलाइयों पर राखियां बांधीं।
सांबा में भी इसी तरह के कार्यक्रम हुए, जहां ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों से मुलाकात की और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
कठुआ के हीरानगर सेक्टर में भारती विद्या मंदिर स्कूल के छात्रों ने सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में अधिकारियों और जवानों की कलाइयों पर तिरंगे के रंग वाली राखियां बांधीं और देश के प्रति उनके समर्पण को सलाम किया।
रक्षाबंधन का यह उत्सव अखनूर, राजौरी और पुंछ में एलओसी के पास अग्रिम इलाकों में भी मनाया गया, जहां महिलाओं और लड़कियों ने सेना के जवानों को राखियां बांधीं और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
भाषा सुभाष सिम्मी
सिम्मी
सिम्मी