रांची, 27 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की झारखंड इकाई ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम के खिलाफ राज्य के सभी 24 जिलों में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि एमएमडीआर कानून से खनिज अधिकारों और खनिज वाली भूमि पर कर लगाने के राज्य के अधिकार सीमित होंगे और राज्य को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
इस महीने की शुरुआत में संसद में पास हुए नए कानून के तहत केंद्र सरकार उन खनिजों वाली जमीनों के नियमन को अपने नियंत्रण में लेना चाहती है, जिनमें कानून में तय किए गए मानकों के अनुसार खनिज मौजूद हैं।
दिनभर धरना प्रदर्शन आयोजित किए गए और उपायुक्तों के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया।
रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से विरोध मार्च निकाला।
खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी करीब दो किलोमीटर दूर स्थित जिला समाहरणालय पहुंचे, जहां मार्च के बाद धरना दिया गया।
कमलेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी 24 जिलों के समाहरणालयों में प्रदर्शन आयोजित किए गए। यह अधिनियम झारखंड के लोगों के हितों के खिलाफ है। इससे राज्य के खजाने को भारी वित्तीय नुकसान होगा।’’
उन्होंने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित तौर पर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को भी उठाया गया।
कमलेश ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता सात सितंबर को रांची स्थित लोक भवन में धरना देंगे और नौ से 16 सितंबर के बीच सभी प्रखंड मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘इन पैसों से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को वित्तीय सहायता मिलती थी। खनिजों पर उपकर हटाए जाने से जनकल्याण की कई योजनाएं प्रभावित होंगी।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने दावा किया कि एमएमडीआर अधिनियम से राज्य के खजाने को 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य ने चालू वित्त वर्ष में उपकर से 14,000 करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया था।
जमशेदपुर में झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने आरोप लगाया कि नए खान कानून को पारित करना भाजपा नीत केंद्र सरकार की ओर से झारखंड के संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों का अतिक्रमण करने का प्रयास है।
उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी को ‘‘आस्था के साथ विश्वासघात’’ करार दिया और मामले की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच की मांग की।
प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम पर कांग्रेस द्वारा विरोध निराधार है।
साहू ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह महज लोगों को गुमराह करने और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश है। देश में कहीं भी इस अधिनियम का विरोध नहीं हो रहा है। कांग्रेस शासित राज्यों में भी इसका कोई विरोध नहीं है। हालांकि, झारखंड में कांग्रेस इस अधिनियम को लेकर केवल लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है।’’
भाषा
शुभम नरेश
नरेश