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विनिर्माण कंपनियों के लिए पहली तिमाही में कच्चे माल की लागत 27.5 प्रतिशत बढ़ी : आरबीआई

मुंबई, 27 अगस्त (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के बीच वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सूचीबद्ध विनिर्माण कंपनियों का कच्चे माल पर खर्च सालाना आधार पर 27.5 प्रतिशत बढ़ गया।

हालांकि, कंपनियां उत्पादों की कीमत तय करने की अपनी क्षमता बनाए रखने में सफल रहीं और उनका लाभ भी बढ़ा।

आरबीआई ने कहा कि बिक्री में कच्चे माल की लागत का अनुपात वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मामूली घटकर 58.1 प्रतिशत रहा जो इससे पिछली तिमाही में 58.5 प्रतिशत था।

कच्चे माल की लागत बढ़ने के बावजूद विनिर्माण कंपनियों के परिचालन लाभ में वृद्धि पहली तिमाही में सुधरकर सालाना आधार पर 21.3 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछली तिमाही में 9.4 प्रतिशत थी।

आईटी और गैर-आईटी सेवा कंपनियों के परिचालन लाभ में वृद्धि भी क्रमशः 19.9 प्रतिशत और 12.7 प्रतिशत रही।

आरबीआई ने कहा कि सभी प्रमुख क्षेत्रों में तिमाही आधार पर परिचालन लाभ मार्जिन में सुधार हुआ।

आंकड़ा 3,247 सूचीबद्ध गैर-सरकारी, गैर-वित्तीय कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणामों पर आधारित है। इसके अनुसार कुल बिक्री वृद्धि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 19.4 प्रतिशत रही जो इससे पिछली तिमाही में 13.9 प्रतिशत थी।

सूचीबद्ध 1,827 विनिर्माण कंपनियों की बिक्री वृद्धि पहली तिमाही में 21.4 प्रतिशत रही, जो इससे पिछली तिमाही में 14.5 प्रतिशत थी। इसमें मुख्य योगदान वाहन, पेट्रोलियम और विद्युत मशीनरी उद्योगों का रहा।

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों की बिक्री में तिमाही के दौरान 14.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि गैर-आईटी सेवा कंपनियों की बिक्री 19.7 प्रतिशत बढ़ी। इसमें थोक और खुदरा कारोबार का प्रमुख योगदान रहा।

कर्मचारियों पर होने वाला खर्च भी सभी क्षेत्रों में बढ़ा। विनिर्माण कंपनियों में यह 12.4 प्रतिशत, आईटी कंपनियों में 7.6 प्रतिशत और गैर-आईटी सेवा कंपनियों में 11.2 प्रतिशत बढ़ा।

भाषा रमण अजय

अजय