Breaking News

पी. चिदंबरम ने CBI को अधिक शक्तियां देने से संबंधित विचार का किया विरोध     |   दक्षिणी लेबनान में इजरायल का बड़ा हमला, हिज्बुल्लाह के ड्रोन अटैक का दिया जवाब     |   डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, बोले- जल्द पिकैक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है अमेरिका     |   नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1344 पहुंचा, पुलिस ने दी जानकारी     |   चीन ने पहली बार मौतों का आंकड़ा बताया, इमिग्रेशन बिल्डिंग से 31 शव बरामद     |  

कांग्रेस नेता का असम के राज्यपाल से छात्रों का शुल्क माफ करने का अनुरोध

गुवाहाटी, 27 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देबब्रत सैकिया ने बृहस्पतिवार को असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से अनुरोध किया कि वह राज्य सरकार को शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में बाढ़ से प्रभावित विद्यार्थियों को मुफ्त दाखिला देने और उनके सेमेस्टर एवं अन्य शुल्क माफ करने का निर्देश दें।

सैकिया ने राज्यपाल को लिखे एक पत्र में तीन जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों के विद्यार्थियों के हित में उनसे दखल देने की अपील की।

विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे सैकिया ने कहा, ‘‘यह बहुत चिंता की बात है कि बार-बार आने वाली बाढ़ से इन ज़िलों के परिवारों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई बाधित हुई है तथा उन पर एवं उनके माता-पिता पर असहनीय आर्थिक बोझ पड़ा। कई मामलों में विद्यार्थियों की किताबें, प्रमाणपत्र, पढ़ाई का सामान और घर का जरूरी सामान खो गया है, जिससे तत्काल मदद मिले बिना उनकी पढ़ाई जारी रखना बहुत मुश्किल हो गया है।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कुछ राहत उपाय तो घोषित किए हैं, लेकिन बाढ़ से प्रभावित विद्यार्थी अब भी गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

सैकिया ने कहा, ‘‘इसलिए, मैं सम्मानपूर्वक अनुरोध करता हूं कि असम सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों को तत्काल आदेश जारी करे कि वे शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों के सभी पात्र विद्यार्थियों को मुफ्त प्रवेश दें। मेरा यह भी अनुरोध है कि प्रभावित विद्यार्थियों के लिए सेमेस्टर फीस और अन्य सभी शैक्षणिक शुल्क - जैसे प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, प्रयोगशाला शुल्क, पुस्तकालय शुल्क और कोई अन्य अनिवार्य शुल्क - भी माफ किए जाएं।’’

पिछले महीने असम के इन ज़िलों में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 105 लोगों की जान जा चुकी है।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश