Breaking News

पी. चिदंबरम ने CBI को अधिक शक्तियां देने से संबंधित विचार का किया विरोध     |   दक्षिणी लेबनान में इजरायल का बड़ा हमला, हिज्बुल्लाह के ड्रोन अटैक का दिया जवाब     |   डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को धमकी, बोले- जल्द पिकैक्स माउंटेन पर हमला कर सकता है अमेरिका     |   नेपाल में बाढ़ से मौतों का आंकड़ा 1344 पहुंचा, पुलिस ने दी जानकारी     |   चीन ने पहली बार मौतों का आंकड़ा बताया, इमिग्रेशन बिल्डिंग से 31 शव बरामद     |  

परिवहन मंत्रालय ने अप्रैल से नए दोपहिया वाहनों में केवल लो-बीम पर ऑटोमैटिक हेडलैंप का प्रस्ताव रखा

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नए दोपहिया वाहनों में ‘ऑटोमैटिक हेडलैंप’ को केवल पासिंग बीम यानी लो-बीम मोड में संचालित करने की अनिवार्यता का प्रस्ताव रखा है। इस व्यवस्था को एक अप्रैल, 2028 से लागू करने की योजना है।

इस कदम का मकसद सामने से आ रहे वाहनों की तेज लाइट के कारण अन्य वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को कम करना और उनके लिए दृश्यता बेहतर करना है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचना के मसौदे में कहा, ‘‘एक अप्रैल, 2028 या उसके बाद ऑटोमैटिक हेडलैंप ऑन (एएचओ) प्रणाली केवल पासिंग बीम में ही काम करेगी।’’

एएचओ प्रणाली वाहन की सेटिंग के आधार पर हेडलैंप को लो-बीम या हाई-बीम पर संचालित कर सकती है।

प्रस्तावित नियम के तहत जब ऑटोमैटिक प्रणाली सक्रिय होगी, तब हेडलैंप लो-बीम पर ही रहेगा।

मसौदे के अनुसार, हाई-इंटेंसिटी हेडलैंप के लिए दोपहिया वाहनों में अधिकतम अनुमत रोशनी की तीव्रता को 1.5 लाख कैंडेला (सीडी) से घटाकर एक लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है। वहीं चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम अनुमत रोशनी की तीव्रता को 2.25 लाख कैंडेला से घटाकर 1.5 लाख कैंडेला करने का प्रस्ताव है।

कैंडेला रोशनी की तीव्रता मापने की आधिकारिक इकाई है।

राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य देश में रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।

भाषा यासिर अजय

अजय