रांची, 27 अगस्त (भाषा) नेपाल में एक पनबिजली परियोजना पर काम कर रहा झारखंड का एक व्यक्ति विनाशकारी बाढ़ के बाद से लापता है और उसका परिवार उसे ढूंढने और बचाने के लिए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहा है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
रांची के हैदर अली रोड निवासी रामप्रसाद घोष दो महीने पहले पनबिजली परियोजना में काम करने के लिए काठमांडू गए थे।
रामप्रसाद के 75 वर्षीय पिता रंजीत कुमार घोष ने कहा, ‘‘मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए उनसे हमारी आखिरी बातचीत हुई थी। बाढ़ की खबर देखने के बाद हमने बुधवार सुबह से अलग-अलग माध्यमों से उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका अब तक पता नहीं चल पाया है।’’
उन्होंने बताया कि परिवार ने रामप्रसाद की सलामती की जानकारी मिलने का इंतजार करते हुए पूरी रात बेचैनी में बिताई।
उन्होंने कहा, ‘‘करीब एक सप्ताह पहले मेरी बेटे से फोन पर बात हुई थी। वह किसी जरूरी काम के लिए पैसे मांग रहा था। मैंने उसे पैसे देने का भरोसा दिया था। मंगलवार देर रात भी उसका फोन आया था, लेकिन तब मैं सो चुका था।’’
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में आई भीषण बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है। 288 भारतीय पर्यटकों समेत हजारों लोग अब भी लापता हैं।
रामप्रसाद पिछले छह महीने से पनबिजली परियोजना में काम कर रहे थे। उनकी भाभी दित्या घोष ने बताया कि वह दो महीने पहले छुट्टी पर घर आए थे और 10 दिन बाद वापस नेपाल चले गए थे।
उन्होंने बताया कि रामप्रसाद परियोजना में प्रशासक के तौर पर काम करते हैं और वहां देश के अलग-अलग हिस्सों के करीब 200 कर्मचारी काम करते हैं।
दित्या ने कहा कि परिवार ने राज्य और केंद्र दोनों सरकारों से रामप्रसाद का पता लगाने और नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से उन्हें सुरक्षित निकालने की अपील की है।
उन्होंने कहा, ‘‘टेलीविजन पर बाढ़ की जो जगहें दिखाई जा रही हैं, वे वही इलाके हैं जहां वह काम करते थे।’’
दित्या ने कहा कि परिवार सरकारी अधिकारियों की ओर से रामप्रसाद के ठिकाने के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकारी अधिकारियों से कोई जवाब नहीं मिला है। हम एक-दो दिन में काठमांडू जाने की योजना बना रहे हैं। हम हर हाल में अपने परिवार के सदस्य को वापस लाना चाहते हैं।’’
राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के टीम का नेतृत्व कर रही शिखा लाकड़ा ने बताया कि उन्होंने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर लापता व्यक्ति का विवरण साझा किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि वह जल्द मिल जाएंगे।’’
भाषा
राखी नरेश
नरेश