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तृणमूल ने कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया, पूछा- बंगाल में राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगना चाहिए

कोलकाता, 27 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में जमीनी स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं पर बर्बर हमले हो रहे हैं। साथ ही उसने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और पूछा कि यहां राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।

टीएमसी के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इस सप्ताह की शुरुआत में पार्टी के विष्णुपुर प्रखंड के अध्यक्ष ज्ञानानंद सामंता पर पुलिस की मौजूदगी में अज्ञात लोगों ने बर्बर हमला किया।

पीटीआई वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकता। वीडियो में एक व्यक्ति घायल और परेशान हालत में दिखाई दे रहा है, जिसे कथित तौर पर पीटा गया और बाद में पुलिसकर्मी घसीटकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।

ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया, ‘‘ये स्पष्ट संकेत हैं कि पूरे राज्य में राजनीतिक अत्याचार के साथ-साथ हमारे कार्यकर्ताओं पर पुलिस की ज्यादती भी जारी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। क्या ये ऐसे हालात नहीं हैं, जिनमें बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए? अगर ऐसा किसी गैर-भाजपा शासित राज्य में हुआ होता तो अब तक राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया होता।’’

इस घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है।

शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भाजपा ने ममता बनर्जी नीत टीएमसी को सत्ता से हटाकर राज्य में सरकार बनाई थी।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा