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‘ईद-मिलाद-उन-नबी’ पर निकाले गए जुलूस;विजेंद्र गुप्ता बोले- पैगंबर के दिखाए मार्ग का स्मरण करना चाहिए

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिवस ‘ईद-मिलाद-उन-नबी’ के मौके पर जुलूस निकाले गए जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

इस मौके पर पुरानी दिल्ली में ‘मरकज़ी अंजुमन ईद मिलाद-उन-नबी’ की ओर से पारंपरिक तरीके से जुलूस निकाला गया जो यहां बाड़ा हिंदू राव इलाके से शुरू हुआ और जामा मस्जिद पर खत्म हुआ।

‘मरकज़ी अंजुमन ईद मिलाद-उन-नबी’ द्वारा जुलूस से पहले आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, आम आदमी पार्टी (आप) के बल्लीमारन से विधायक इमरान हुसैन और ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुख्य इमाम डॉ. इमरान उमर अहमद इलियासी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, कार्यक्रम में गुप्ता ने पैगंबर मोहम्मद के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन ईमानदारी, विश्वसनीयता, करुणा, धैर्य और क्षमा का शाश्वत संदेश देता है।

उन्होंने पैगंबर मोहम्मद द्वारा सहन किए गए अत्याचारों का उल्लेख करते हुए कहा, “ उन पर पत्थर तक फेंके गए, लेकिन बाद में जब मक्का विजय का अवसर आया, तब उनके पास प्रतिशोध लेने का पूरा अधिकार और सामर्थ्य था। इसके बावजूद उन्होंने क्षमा का मार्ग चुना।”

गुप्ता ने कहा, “वे बदला ले सकते थे, अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर सकते थे और पुराने हिसाब चुकता कर सकते थे, लेकिन उन्होंने क्षमा करना चुना।”

उन्होंने कहा कि पैगंबर की शिक्षाएं समाज को कमजोरों के साथ खड़े होने, असहायों का सहारा बनने, महिलाओं और बेसहारा लोगों की देखभाल करने तथा भूखों को भोजन उपलब्ध कराने का स्पष्ट संदेश देती हैं।

गुप्ता ने कहा कि ईद मिलाद-उन-नबी का महत्व केवल स्मरण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन का अवसर भी है कि पैगंबर के बताए मूल्य हमारे दैनिक जीवन में कितने दिखाई देते हैं।

उन्होंने कहा, “जब हम धैर्य, सत्यनिष्ठा और कमजोरों के साथ खड़े होने की बात करते हैं, तो हमें पैगंबर मोहम्मद द्वारा दिखाए गए मार्ग को करना चाहिए।”

दिल्ली की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक समरसता का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा, “यह दिल्ली की तस्वीर है और हमारे शहर का संदेश भी। यहां अजान की आवाज सुनाई देती है और नमाज अदा की जाती है, वहीं पास में मंदिर की घंटियां भी गूंजती हैं। ईद पर एक-दूसरे को बधाइयां दी जाती हैं, मिठाइयां बांटी जाती हैं और यही आत्मीयता दीपावली के अवसर पर भी दिखाई देती है। यही हमारी संस्कृति, हमारा संस्कार और हमारी तहजीब है।”

इसके अलावा यमुनापार के सीलमपुर, जाफराबाद, ब्रह्मपुरी, वेलकम, शास्त्री पार्क, सीमा पुरी, मुस्तफाबाद, दक्षिण दिल्ली के महरौली, संगम विहार, जामिया नगर, पश्चिम दिल्ली में जनकपुरी, उत्तम नगर व नागंलोई समेत की इलाकों में ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग धार्मिक और तिरंगे झंडे लेकर शामिल हुए

‘मरकज़ी अंजुमन ईद मिलाद-उन-नबी’ के अध्यक्ष हाजी मोहम्मद अहमद ने बताया कि ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर निकाले जाने वाले सबसे पुराने जुलूसों से एक बाड़ा हिंदू राव से शुरू होकर सदर बाजार, अजमेरी गेट, चावड़ी बाजार होते हुए जामा मस्जिद पर खत्म होता है।

भाषा नोमान

नोमान संतोष

संतोष