पुरी, 26 अगस्त (भाषा) पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने 28 अगस्त को प्रदर्शित होने वाली ‘एनिमेटेड’ फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
पुरी के 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर के सर्वोच्च धार्मिक निकाय 'मुक्ति मंडप पंडित सभा' के स्थायी अध्यक्ष शंकराचार्य ने सोमवार को इस संबंध में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति (एसजेटीएमसी) के अध्यक्ष गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव को पत्र लिखा।
यह पत्र बुधवार को मीडिया के साथ साझा किया गया।
पुरी के शंकराचार्य ने पत्र में कहा, 'भगवान जगन्नाथ और अन्य देवी-देवताओं के विकृत (कार्टून) रूपों तथा अप्रामाणिक 'लीला' चरित्रों को किसी भी माध्यम से दिखाने वाली फिल्मों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है।'
'मुक्ति मंडप पंडित सभा' ने भी इस फिल्म पर पूरी तरह से रोक लगाने की मांग की है।
पंडित सभा ने 25 अगस्त को देव को अलग से एक पत्र लिखा था।
मंदिर की पूजा, अनुष्ठानों, परंपराओं और संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली इस सभा ने फिल्म को 'पूरी तरह से काल्पनिक, निराधार और शास्त्रों, परंपरा, इतिहास तथा रीति-रिवाजों के विपरीत' बताया है।
सभा ने फिल्म को 'काल्पनिक, परंपरा-विरोधी और ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ' करार दिया।
पंडित सभा ने कहा, 'भगवान जगन्नाथ के पवित्र रूप को विकृत और हास्यास्पद तरीके से प्रस्तुत किया गया है। ऐसी फिल्में देखने से बच्चों में भक्ति या समर्पण का भाव विकसित होने के बजाय बचपन से ही हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अनादर और विकृत धारणाएं पैदा होंगी।'
भाषा सुमित अविनाश
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