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पीरामल फाउंडेशन, गेट्स फाउंडेशन समेत छह संगठनों ने पांच राज्यों में शुरू की पहल

नयी दिल्ली, 26 अगस्त (भाषा) झारखंड, असम, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बिहार में स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण से जुड़ी सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए बुधवार को परमार्थ संगठनों ने एक नई पहल शुरू की।

‘संगम कोलैबोरेटिव’ नामक इस पहल के तहत सार्वजनिक सेवाओं की संस्थागत क्षमता, नेतृत्व, मानव संसाधन, प्रक्रियाओं और डेटा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकारों के साथ काम किया जाएगा। इन पांच राज्यों में अनुमानित सात करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी में रह रहे हैं।

इस पहल में पीरामल फाउंडेशन, गेट्स फाउंडेशन, ए.टी.ई. चंद्रा फाउंडेशन, धनम फाउंडेशन, सर्गो फाउंडेशन और चिल्ड्रंस इन्वेस्टमेंट फंड फाउंडेशन शामिल हैं। इस पहल की शुरुआत नयी दिल्ली में आयोजित 'एवीपीएन ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2026' में हुई।

संयुक्त बयान के मुताबिक, इसके लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञों के साथ काम किया जाएगा। इस पहल के तहत बिहार में राज्य सरकार, गेट्स फाउंडेशन, पीरामल फाउंडेशन और अन्य संगठनों के बीच पहले से चल रही साझेदारी के अनुभव को भी शामिल किया गया है।

बयान के मुताबिक, लक्षित राज्यों में गरीबी से निपटने के लिए सरकार, परमार्थ संस्थाओं और नागरिक समाज संगठनों के बीच समन्वय की जरूरत है।

हालांकि, पहल में शामिल परोपकारी संगठनों ने ‘संगम कोलैबोरेटिव’ के लिए की गई वित्तीय प्रतिबद्धताओं की राशि का खुलासा नहीं किया है।

चिल्ड्रन्स इन्वेस्टमेंट फंड फाउंडेशन की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) केट हैम्पटन ने कहा कि मजबूत प्रणालियों और नेतृत्व में निवेश से बड़े पैमाने पर लोगों को गरीबी से बाहर निकलने की राह तेज हो सकती है और भारत के बाहर के समुदायों के लिए भी इससे सीख मिल सकती है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय