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पूर्व सैनिकों का सुक्खू से अनुरोध, केंद्र से अग्निपथ योजना समाप्त करने की मांग करें

शिमला, 25 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि वह केंद्र सरकार से अल्पकालिक सैन्य भर्ती की 'अग्निपथ' योजना को समाप्त करने की मांग करें।

यह मांग सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की बैठक के दौरान उठाई गई, जहां पूर्व सैनिकों ने योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं के दीर्घकालिक रोजगार के अवसरों और कल्याण को लेकर चिंता व्यक्त की।

अग्निपथ योजना केंद्र सरकार द्वारा 2022 में सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी रैंक से नीचे के कर्मियों के लिए शुरू की गई एक अल्पकालिक सैन्य भर्ती नीति है। इसके तहत भर्ती होने वाले युवाओं को 'अग्निवीर' कहा जाता है, जो छह महीने के बुनियादी प्रशिक्षण सहित कुल चार साल तक सेवा प्रदान करते हैं।

कुल्लू के पूर्व सैनिक शिव दयाल सिंह ने कहा कि यह योजना युवाओं को पर्याप्त नौकरी की सुरक्षा प्रदान नहीं करती है, क्योंकि चार साल के बाद अग्निवीरों को बिना किसी पेंशन या नियमित सैनिकों को मिलने वाले अन्य लाभों के सेवा से मुक्त कर दिया जाता है।

सुक्खू ने कहा कि वह राज्य के पूर्व सैनिकों की भावनाओं से अवगत कराते हुए इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखेंगे।

मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि अग्निपथ योजना से हिमाचल प्रदेश विशेष रूप से प्रभावित हुआ है और इसका प्रभाव कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना और हमीरपुर जिलों में देखने को मिल रहा है।

भाषा सुमित माधव

माधव