नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) भारत के महापंजीयक ने चुनिंदा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनगणना संचालन निदेशकों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की, जिसमें जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
जनगणना आयुक्त कार्यालय ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा कि कार्यशाला में देशभर में जनसंख्या गणना की तैयारियों को मजबूत करने, समन्वय बेहतर बनाने और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कार्यशाला को संबोधित किया और अधिकारियों से देश की इस वृहद जनगणना कवायद के दूसरे चरण के लिए तैयारियों को तेज करने को कहा।
इस महीने की शुरुआत में जारी एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फ से ढके गैर-समकालिक क्षेत्रों में आबादी की गणना 1 से 30 सितंबर तक आयोजित की जाएगी।
गैर-समकालिक क्षेत्र, ये वे दुर्गम या पहाड़ी क्षेत्र होते हैं जहां मौसम या भौगोलिक परिस्थितियों के कारण देश के बाकी हिस्सों के साथ एक ही समय पर जनगणना करना संभव नहीं होता, इसलिए यहां अलग समय पर गणना की जाती है।
इन क्षेत्रों में जमीनी सर्वेक्षण से पहले 17 से 31 अगस्त तक स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है।
भाषा सुमित पवनेश
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